दिल्ली में तीन व्यक्तियों ने खुद को फर्जी ईडी अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड आर्किटेक्ट के घर पर छापा मार दिया। तीनों ने 11 फरवरी को 86 साल के रिटायर्ड आर्किटेक्ट के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी वाले घर को निशाना बनाया। आरोपियों ने परिवार को अवैध कैश और ज्वेलरी ढूंढने के लिए रेड की धमकी दी। इसके बाद लाखों के कैश और लग्जरी घड़ियां लेकर गायब हो गए।

20 मिनट तक चली फर्जी रेड

कुल 20 मिनट तक यह फर्जी छापेमारी हुई। इसके बाद रिटायर्ड अधिकारी के पोते के दखल देने पर ये सब खत्म हुआ। वहीं इस बारे में पुलिस का कहना है कि घटना का मास्टरमाइंड घर का ही नौकर था। तीनों लोगों के जाने के तुरंत बाद परिवार ने पुलिस को बताया। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने ऐसे किया मामले का खुलासा

पुलिस ने 350 CCTV कैमरों को स्कैन किया और कई मोबाइल फोन नंबरों को ट्रैक किया और इसके बाद पुलिस गाजियाबाद के वैशाली में एक घर पर पहुंची। कई नंबरों को एनालाइज करने के बाद पुलिस को 40 वर्षीय रेखा देवी पर शक हुआ। रेखा पीड़ित के घर पर मेड के तौर पर काम करती थी और कथित तौर पर उसी ने यह साजिश रची थी। पुलिस को यह भी पता चला कि वह वैशाली वाले घर अक्सर आती-जाती थी। जब कार गाजियाबाद में मिली, तो पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया, जिसमें मोबाइल टावर डंप डेटा और IMEI ट्रैकिंग भी शामिल थी।

डेटा से पूजा राजपूत के घर का पता चला, जो रेखा की भाभी और घटना में शामिल थी। लोकल इंटेलिजेंस ने आगे बताया कि रेखा वैशाली वाले पते पर अक्सर आती-जाती थी और इसी कारण डकैती की प्लानिंग में किसी अंदर के आदमी के होने का शक पक्का हो गया। जब पुलिस ने 25 फरवरी को वैशाली वाले घर पर छापा मारा, तो उन्हें नकली ED रेड करने के लिए इस्तेमाल किए गए जरूरी सबूत मिले।

क्या-क्या चीजें हुईं जब्त?

जब्त की गई चीज़ों में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) की एक पूरी डिप्टी कमांडेंट यूनिफॉर्म, ऑफिशियल पुलिस कम्युनिकेशन की नकल करने वाला एक वायरलेस सेट बॉक्स और एक नकली आइडेंटिटी कार्ड शामिल है। पुलिस कार्रवाई के बाद सात चोरी की लग्जरी घड़ियाँ और ज्वेलरी भी बरामद हुईं, जिससे सीधे तौर पर क्राइम से कनेक्शन पता चला।

साउथ-ईस्ट के DCP डॉ. हेमंत तिवारी ने कहा, “रेखा ने कथित तौर पर घर के लेआउट और कीमती सामान के बारे में अंदर की जानकारी दी, जिससे संदिग्धों को नकली रेड को आसानी से अंजाम देने में मदद मिली। तीन फरार संदिग्धों को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं। प्रकाश की खोज जारी है, जो इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस का एक कांस्टेबल है। वहीं आरोपी मनीष और उपदेश सिंह थापा एक रिटायर्ड आर्मी कर्मी हैं। क्राइम में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार उपदेश थापा के नाम पर रजिस्टर्ड है।” पढ़ें दूसरी बार ED के सामने पेश हुए अनिल अंबानी

(यह भी पढ़ें- बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर आयकर विभाग की छापेमारी जारी)

उत्तर प्रदेश के एकमात्र बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर पर आयकर विभाग की छापेमारी हुई। बुधवार को छापेमारी शुरू हुई और गुरुवार को भी जारी रही। इस बीच खबर आई है कि उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर से 10 करोड़ रुपये कैश बरामद हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर