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दिल्ली: थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी की मौत, परिजनों ने कहा- 50,000 रुपये नहीं दिये तो पुलिस ने पीट-पीट कर मारा; जांच अधिकारी सस्पेंड

दिल्ली के लोधी नगर थाने में चोरी के आरोपी एक शख्स की मौत के बाद परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक युवक का नाम धर्मबीर बताया जा रहा है। धर्मबीर के घऱवालों का कहना है कि पुलिस हिरासत में उनकी जमकर पिटाई की गई है जिसकी वजह से उनकी मौत हुई। […]

DELHI, DELHI POLICEइस मामले में विभागीय जांच की जा रही है। प्रतीकात्मक तस्वीर।

दिल्ली के लोधी नगर थाने में चोरी के आरोपी एक शख्स की मौत के बाद परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक युवक का नाम धर्मबीर बताया जा रहा है। धर्मबीर के घऱवालों का कहना है कि पुलिस हिरासत में उनकी जमकर पिटाई की गई है जिसकी वजह से उनकी मौत हुई। 45 साल के धर्मबीर के बारे में बताया जा रहा है कि वो ऑटो-रिक्शा चलाते थे।

पुलिस के मुताबिक बीते गुरुवार को कार चोरी की एक घटना की शिकायत लोधी कॉलोनी पुलिस थाने मे की गई थी। इस मामले की छानबीन एएसआई विजय कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को चोरी की वारदात के पास धर्मबीर का ऑटोो नजर आया। जिसके बाद पुलिस ने उसे जांच में शामिल होने के लिए कहा। डिप्टी पुलिस कमिश्नर (साउथ) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि ‘घटना के वक्त धर्मबीर का ऑटो सतीश नाम का युवक चला रहा था। जिसके बाद धर्मबीर औऱ घेवर राम चौधरी नाम के 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस इस मामले में धर्मबीर की भूमिका की जांच की जा रही थी। एएसआई विजय थाने के एक कमरे में धर्मबीर से पूछताछ कर रहे थे। पूछताछ के दौरान विजय बाथरूम गए और जब वहां से लौटे तब धर्मबीर कमरे में नहीं था। विजय ने देखा कि धर्मबीर नीचे गिरा हुआ था।’

पुलिस के मुताबिक धर्मबीर को तुरंत एम्स में भर्ती कराया गया। एम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान धर्मबीर की मौत हो गई। जिसके बाद उसके परिवार के सदस्यों को जानकारी दी गई। इसके अलावा एएसआई विजय को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। इसके अलावा 2 कॉन्स्टेबल राजेंद्र और संदीप को लाइन हाजिर किया गया है।

इधऱ मृतक धर्मबीर के बेटे सौरभ कुमार ने न्यूज एजेंसी ‘PTI’ से बातचीत में कहा है कि ‘पुलिस ने उनके पिता से 50,000 रुपए की डिमांड की थी। शनिवार को संदीप और राजेंद्र नाम के 2 कॉन्स्टेबल हमारे घर आए थे और उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा की तस्वीर हमारे पिता को दिखाई थी। इसके बाद मेरे पिता उनके साथ थाने गए। बाद में उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। कुछ देर बाद पिताजी का फोन आया कि पुलिस 50,000 रुपए की मांग कर रही है।

सौरभ के मुताबिक इसके बाद वो कालका जी मंदिर चला गया। 3 घंटे बाद जब वो वहां से लौटा तब पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती हैं तथा उनके सिर तथा पांव में गंभीर चोट आई है। एक कॉन्स्टेबल ने हमारा नंबर ब्लॉक कर दिया जबकि दूसरे ने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया।’

सौरभ के मुताबिक ‘हम अपने पिता को ढूंढ़ते हुए पहले पुलिस स्टेशन और फिर एम्स पहुंचे। पुलिस ने हिरासत में उनकी जमकर पिटाई की थी। मेरे पिता पुलिस की मदद कर रहे थे फिर भी उनकी पिटाई बुरी तरह से की गई।’ बता दें कि धर्मबीर के परिवार में उनकी पत्नी सुमिता, बेटी पूनम औऱ सौरभ तथा सचिन 2 बेटे हैं। ऑटो चलाकर अकेले धर्मबीर ही परिवार का पालन-पोषण करते थे।

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