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दिल्लीः बंद कमरे में मां और चार बच्चों के मिले शव, अंगीठी के धुएं ने ले ली जान

घटना पुराने सीमापुरी इलाके की एक इमारत की पांचवीं मंजिल पर स्थित कमरे में हुई। मृत सभी बच्चों की उम्र 3 से 11 वर्ष के बीच है।

Death in Seemapur area of delhi
पुलिस का कहना है कि पहली नजर में बच्चों और मां की मौत धुंए से दम घुटने से हुई। मामले की जांच की जा रही है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शाहदरा के सीमापुरी इलाके में बुधवार को कथित तौर पर कमरे में रखी अंगीठी से निकले जहरीले धुएं में सांस लेने से 30 वर्षीय महिला और उसके चार बच्चों की मौत हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पर कॉल आई, जिसमें पुराने सीमापुरी इलाके की एक इमारत की पांचवीं मंजिल पर स्थित कमरे में चार से पांच लोगों के बेहोश पड़े होने की जानकारी दी गई।

अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर एक महिला और उसके तीन बच्चे मृत मिले, जबकि सबसे छोटे बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि मोहित कालिया (35) अपनी पत्नी राधा और दो बेटियों तथा दो बेटों के साथ किराए के मकान में रहता था। जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान कोमल (11), जितिन (8), रौशनी (4) और आरव (3) के रूप में हुई है।

पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) आर सत्यसुंदरम के अनुसार जिस फ्लैट में वे रह रहे थे, उसका मालिक शालीमार गार्डन निवासी अमरपाल सिंह है। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उन सभी की मौत भीषण ठंड के बीच कमरे के अंदर रखी अंगीठी के कारण दम घुटने से हुई क्योंकि छोटे से उस कमरे में हवा आने-जाने का कोई रास्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा। पुलिस ने कहा कि सभी कोणों से जांच की जा रही है और मोहित उनकी हिरासत में है। राधा के बड़े भाई ने घटना को लेकर संदेह जताया है।

उन्होंने कहा, ”दोपहर 1 बजे के आसपास जब मैं कार चला रहा था तो एक कॉल आई। जब मैं घर पहुंचा, तो मैंने देखा कि मेरे परिवार के सदस्य रो रहे थे और मुझे बताया गया कि मेरी बहन और उसके चार बच्चों की आज सुबह सोते समय मृत्यु हो गई। हम तुरंत उसके घर पहुंच गए।” राधा के भाई बंटू कुमार ने जीटीबी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के बाहर कहा, ”मोहित ने कहा कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कमरे के अंदर सो रहा था। वह लगभग 11 बजे उठा और देखा कि वे सो रहे थे और शरीर में कोई हरकत नहीं थी। उसने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं हुआ और बाद में वह अपने छोटे बेटे को अस्पताल ले गया।”

कुमार ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि उसी कमरे में उसके साथ सो रहे पांच लोगों की मौत हो गई और उसे कुछ पता ही नहीं चला। कुमार ने कहा, ”हमें संदेह है कि मोहित ने कुछ किया है क्योंकि वह घटना में बाल-बाल बच गया। हमें उसकी बात पर भरोसा नहीं है। वह शराबी है और अक्सर मेरी बहन के साथ छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था। हम अपनी बहन और उसके बच्चों के लिए न्याय चाहते हैं। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपी को सजा मिलनी चाहिए।”

कुमार ने यह भी कहा कि दंपति का करीब 10 से 12 दिन पहले झगड़ा हुआ था। कुमार ने कहा, ”राधा और मोहित की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। शुरू में उनका रिश्ता बहुत अच्छा था, लेकिन तीन साल बाद वह मेरी बहन से लड़ने लगा। करीब 12 दिन पहले उनका झगड़ा हुआ था और मेरी बहन ताहिरपुर में मेरे घर आई थी। चार-पांच दिन के बाद, वह अपने बहनोई के साथ राधा को घर वापस लेने आया। मैंने मना कर दिया, लेकिन उसके बहनोई ने जिद की और वे अपने घर वापस चले गए।”

करीब दो-तीन दिन पहले मोहित अपने परिवार के साथ उस कमरे में रहने लगा था। पहले वह इसी मोहल्ले में रहता था। मकान मालिक अमरपाल सिंह ने कहा, ”मैं अग्रिम किराया और कागजी कामकाज के लिए पहचान प्रमाण लेने सुबह करीब 11 बजे कमरे पर पहुंचा था। मैंने लगभग 20 मिनट तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने इसे नहीं खोला, जिसके बाद मैं अपने घर वापस चला गया। जब मैं अपने घर पहुंचा, तो मुझे घटना के संबंध में पुलिस की ओर से फोन आया और तुरंत मौके पर पहुंचने के लिये कहा गया। कुमार ने कहा कि मोहित आनंद विहार में निजी बसों में हेल्पर के तौर पर काम करता है। राधा आसपास के मोहल्लों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती थी। वह बहुत विनम्र स्वाभाव की थी।

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