दिल्ली के गगन विहार में कई हफ्तों तक कमल सिंह के घर टेलीविज़न पर ‘द स्टेयरकेस’ वेब सीरीज़ चलता रहा यह अमेरिका के मशहूर मर्डर ट्रायल में से एक पर आधारित क्राइम ड्रामा है। इस सीरीज़ की कहानी एक ऐसे पति के इर्द-गिर्द घूमती है जिस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है, लेकिन जांच करने वालों को उसे दोषी साबित करने में मुश्किल होती है क्योंकि हत्या में इस्तेमाल हथियार कभी नहीं मिल पाता। पुलिस के मुताबिक, कुछ दिनों बाद वही कहानी उसी घर में असल ज़िंदगी में दोहराई गई।
30 जुलाई को 62 साल के सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट ने कथित तौर पर अपने घर के अंदर अपनी पत्नी कोमल सिंह (50) की हत्या कर दी, हत्या में इस्तेमाल हथियार को छिपा दिया और 12 लाख रुपये से ज़्यादा कैश लेकर भाग गया। पुलिस ने बताया कि हत्या का पता तब चला जब जोड़े का बेटा गौरव सिंह (26) जो एक डॉक्टर है, वह नोएडा की एक लाइब्रेरी से लौटा। वह वहां पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम की तैयारी करता है।
बेटे ने अपनी मां कोमल को कई बार फ़ोन किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कोमल एक ट्यूशन टीचर थीं उनकी लाश लिविंग रूम के सोफे के पास खून से लथपथ हालत में मिलीं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें 10 से ज़्यादा बार चाकू मारा गया था। पास में एक कैंची तो पड़ी थी, लेकिन जिस चीज़ से कोमल के सिर पर वार किया गया था, वह वहां से चीज़ गायब थी।
कुछ घंटे पहले ही गौरव ने अपने माता-पिता को प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर बहस करते देखा और फिर वह घर से बाहर चला गया था। लगभग एक घंटे बाद, उसकी बहन गौरिका भी नोएडा में अपने ऑफिस के लिए निकल गई, जहां वह जर्मन भाषा की ट्रेनर के तौर पर काम करती थी। गौरव ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “यह सब बहुत लंबे समय से चल रहा था।”
पुलिस ने बताया कि पिछले साल मुंबई यात्रा के समय दौरान कमल के कथित तौर पर किसी दूसरी महिला के साथ रिश्ते में आने के बाद शादी टूटने लगी थी। उन्होंने आगे बताया कि कमल पहले फ्रीलांस SAP (डेटा प्रोसेसिंग में सिस्टम, एप्लिकेशन और प्रोडक्ट्स) सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट थे और उन्होंने काफी पैसे कमाए थे। यह कपल गगन विहार के एक पॉश इलाके में परिवार की चार मंज़िला इमारत में रहता था।
एक अधिकारी ने बताया, “वे अपने बच्चों के साथ इमारत की दूसरी मंज़िल पर रहते थे। पहली मंज़िल पर कमल के माता-पिता रहते थे, तीसरी मंज़िल पर उनके बड़े भाई (जिनका निधन हो चुका है) की पत्नी और बेटी रहती थीं और चौथी मंज़िल पर उनके सबसे छोटे भाई रहते थे। उनका एक और भाई है जो ऑस्ट्रेलिया में रहता है।” अधिकारी ने आगे बताया कि जहां सबसे छोटे भाई की कमल से अनबन थी, वहीं कोमल की अपने ससुराल वालों से नहीं बनती थी।
मामले में पुलिस ने बताया कि कमल ने अपने तीन बेडरूम वाले घर को दो अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया था। कोमल को एक हिस्से तक सीमित कर दिया गया था, जहां अलग-अलग बिजली के मीटर लगाए गए थे। मुंबई से लौटने के बाद से ही वह कोमल से छुटकारा पाना चाहता था। उसने कोमल को घर के एक हिस्से तक ही सीमित कर दिया था। उसे अपनी बिजली का खर्च भी खुद ही उठाना पड़ता था। अगर बच्चे या कोमल घर के उसके वाले हिस्से में आते, तो कमल चिल्लाने लगता था,”।
प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा
पुलिस के मुताबिक, झगड़े की आखिरी वजह एक प्रॉपर्टी थी जिसे कमल जगतपुरी में खरीदना चाहता था और उसे अपने पिता के नाम पर रजिस्टर करवाना चाहता था। “कोमल को डर था कि उसे परिवार की संपत्ति से बाहर रखा जा रहा है। इसलिए उसने ज़िद की थी कि प्रॉपर्टी उसके नाम पर भी रजिस्टर की जाए। इसी बात को लेकर अक्सर झगड़े होते थे।” कमल ने पुलिस को बताया कि जुलाई तक उसने कोमल की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
क्यों हो रहा ‘द स्टेयरकेस’ का जिक्र
इस घटना में यहीं पर ‘द स्टेयरकेस’ (The Staircase) का ज़िक्र आता है। इस वेब सीरीज़ में, माइकल पीटरसन नाम का एक शख्स अपनी पत्नी कैथलीन को फायरप्लेस में इस्तेमाल होने वाले ‘ब्लो-पोक’ (आग कुरेदने वाली छड़) से पीटता है। वह नॉर्थ कैरोलिना स्थित अपने घर में सीढ़ियों के नीचे मृत पाई जाती है मगर वह ‘ब्लो-पोक’ कहीं नहीं मिलता है। पुलिस ने बताया कि कमल ने हरि नगर से एक तलवार खरीदी, उसे छिपाकर रखा और सही मौके का इंतज़ार किया।
हत्या कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई को जब बच्चे और घर का काम करने वाली महिला अपना काम खत्म करके चले गए तो कमल दोपहर करीब 12:45 बजे कोमल को ढूंढने गया। अधिकारी ने बताया, “जब कोमल बालकनी में कपड़े सुखा रही थी, तो कमल ने पीछे से तलवार से उसके सिर पर वार किया। चूंकि उसने तलवार के कुंद हिस्से (बिना धार वाले हिस्से) से वार किया था, इसलिए कोमल गिरी नहीं। इसके बजाय, वह चिल्लाने लगी और अपनी जान बचाने के लिए भागी।”
पुलिस ने बताया कि भले ही उसकी चीखें पूरी बिल्डिंग में सुनाई दे रही थीं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। अधिकारी ने कहा, “कमल के पिता ने अपनी पत्नी से कोमल को देखने के लिए कहा लेकिन उसने कथित तौर पर उनसे कहा कि ‘रहने दो’।”
इस बीच, पुलिस ने बताया कि कोमल किचन में छिप गई, पुलिस के मुताबिक कमल ने उसे पकड़ लिया, उसके बाल पकड़कर घसीटते हुए लिविंग रूम में लाया और कैंची से कई बार वार किए। तब तक दोपहर के 12:55 बज चुके थे। पुलिस ने बताया कि कमल को हत्या करने में 10 मिनट लगे।
पुलिस ने आगे बताया कि कमल ने अपने खून से सने कपड़े और तलवार एक बैकपैक में रख ली। तलवार का सिरा बैग से बाहर झांक रहा था, इसलिए उसने उसे तकिए के कवर से ढक दिया। इसके बाद उसने 15 मिनट तक नहाया और अपने स्कूटर से घर से निकल गया।
कैसे पकड़ा गया?
इंस्पेक्टर सुरेंद्र शर्मा की अगुवाई में हुई जांच तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और सीसीटीवी फुटेज पर आधारित थी। आस-पड़ोस और कमल के भागने के संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पुलिस को पता चला कि घर से निकलने से पहले वह तलवार को बैग में रख रहा था।
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद कमल ने सबसे पहले बैकपैक को एक खाली जगह पर फेंक दिया। अधिकारी ने कहा, “इसके बाद वह दो बैंकों में गया और लगातार 2 लाख रुपये और 5 लाख रुपये से ज़्यादा निकाले। घर से निकलने से पहले ही वह अपनी पत्नी के कमरे से 5 लाख रुपये ले चुका था।”
पुलिस ने बताया कि इसके बाद वह नेपाल भागने के इरादे से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की ओर चल पड़ा, लेकिन रास्ते में कहीं कमल ने अपना रास्ता बदल लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “वह एक जगह नहीं रुका। उसे शक था कि पुलिस बॉर्डर वाले इलाकों में उसे ढूंढ सकती है, क्योंकि वह बस से गोरखपुर गया था… इसलिए, वह मथुरा की ओर चला गया ताकि जांच करने वालों को गुमराह कर सके।”
दो अगस्त को पुलिस को जानकारी मिली कि कमल नेपाल पहुंचने की एक और कोशिश करने वाला है। आखिरकार कोमल की हत्या के चार दिन बाद उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास पकड़ लिया गया। गिरफ़्तारी के समय उसके पास 12.75 लाख रुपये नकद मिले, भागने के लिए इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी ज़ब्त कर लिया गया। हत्या में इस्तेमाल हथियार, जिसे उसने यह सोचकर ठिकाने लगा दिया था कि इससे उसके ख़िलाफ़ केस कमज़ोर पड़ जाएगा, अभी भी नहीं मिला है।
यह भी पढ़ें- ‘अगर वह मेरी नहीं हो सकती, तो मैं उसे तुम्हारा भी नहीं होने दूंगा’, फरीदाबाद में टीचर की हत्या; दो महीने पहले रची साजिश
फरीदाबाद के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका की हत्या मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि 21 साल के आरोपी अमित ने करीब दो महीने पहले ही इस वारदात की साजिश रच ली थी और इस घटना को अंजाम देने के लिए खासकर नया चाकू भी खरीदा था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से संध्या शर्मा (28) पर हमला करने के अवसर की तलाश में था। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्ल्कि करें…
