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यौन उत्पीड़न के लिए मूक-बधिर बच्चों को गंदे इशारे सिखाता था पादरी

डेली बीस्ट से बातचीत करते हुए इस बच्चे बतलाया कि मैं पहले यह नहीं समझ सका कि आखिर क्यों संस्थान में उन्हें इन इशारों के बारे में बतलाया जा रहा है। बच्चों ने अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में लिख कर बताने की कोशिश भी की थी लेकिन आरोपियों ने इन बच्चों को धमकी दी थी कि ऐसा करने पर उन्हें संस्थान से बाहर निकाल दिया जाएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

एक मूक-बधिर बच्चे ने चर्च में यौन शोषण किये जाने की खौफनाक दास्तान का खुलासा किया है।  इस बच्चे ने बताया है कि कैसे चर्च में उन्हें ओरल सेक्स और कुकर्म के लिए ना सिर्फ उकसाया जाता था बल्कि उन्हें संस्थान में यौन उत्पीड़न के लिए गंदे इशारे भी सिखाए जाते थे। The Daily Beast से बातचीत करते हुए इस बच्चे ने बताया है कि जब वो महज 11 साल का था तो अर्जेटीना के वीरोना स्थित एंटोनियो प्रोवोलो संस्थान में उसे मास्टर्बेशन, पेनिस और अन्य चीजों के बारे में अश्लील इशारे करने सिखाया जाता था।

इतना ही नहीं इस बच्चे ने बताया कि संस्थान के मूक-बधिर बच्चों को जानबूझ कर ऐसे-ऐसे गलत इशारों के बारे में भी बतलाया जाता था जिससे की वो अपने माता-पिता या फिर किसी अन्य को अपने साथ हुए यौन अत्याचार के बारे में कुछ बतला भी ना सकें। इस मामले में वीरोना की अदालत इस महीने से सुनवाई करेगी। इस मामले में जांच कर पुलिस ने कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। जो दस्तावेज अदालत को सौंपा गया है उसमें ऐसे 67 बच्चों का जिक्र किया गया है जिनका शोषण पादरी और उनके भाइयों ने किया है।

डेली बीस्ट से बातचीत करते हुए इस बच्चे ने बताया कि मैं पहले यह नहीं समझ सका कि आखिर क्यों संस्थान में उन्हें इन इशारों के बारे में बतलाया जा रहा है। बच्चों ने अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में लिख कर बताने की कोशिश भी की थी लेकिन आरोपियों ने इन बच्चों को धमकी दी थी कि ऐसा करने पर उन्हें संस्थान से बाहर निकाल दिया जाएगा। बच्चे ने बतलाया कि अक्सर वहां रात को पादरी आते थे, वो बच्चों का यौन शोषण करते थे और उनके जाने के बाद कई बच्चों की आंखों में आंसू होते थे।

इस बच्चे ने बतलाया कि सात सालों तक उसका यौन शोषण इस संस्थान में किया गया। यहां तक की जब यह मामला उजागर हो गया तो इस मामले को दबाने की कोशिश भी की गई और पादरियों को बचाने की कोशिश भी हुई। बच्चे के मुताबिक इस मामले के आरोपियों ने इस खुलासे के बाद पैसे और माफी की पेशकश की थी। जब 1980 में इस चर्चे में यौन उत्पीड़न का पहला मामला सामने आया था तब उस वक्त चर्च के फादर निकोलो कोराडी पर गंभीर आरोप लगे थे। निकोलो कोराडी इस वक्त 83 साल के हैं।

साल 2016 में निकोलो कोराडी को पुलिस ने 22 मूक-बधिर बच्चों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था। आपको बता दें कि अर्जेटीना में ऐसे पादरियों के खिलाफ करीब 60 अलग-अलग मामले चल रहे हैं। सितंबर के महीने में जर्मनी के दो बड़े मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि यहां साल 1964 से 2014 के बीच 3,677 लोगों के साथ कैथोलिक चर्च में यौन दुर्व्यवहार किया गया है।

Spiegel Online और Die Zeit ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इनमें से आधे से ज्यादा पीड़ितों की उम्र 13 साल या उससे कम थी। आपको याद दिला दें कि अगस्त के महीने में आयरलैंड के दौरे पर गए पोप फ्रांसिस ने ऐसी घटनाओं को दर्दनीय और शर्मसार करने वाला कहा था।

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