यहां लगती है जुर्म की पाठशाला, 50 से ज्यादा नाबालिग ले चुके हैं प्रशिक्षण

इस खुलासे ने पुलिस को चौंका दिया है। पुलिस अब इस मामले में इन दोनों से पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगाने में जुटी है।

crime, crime news, lootलूटपाट और झपटमारी की भी ट्रेनिंग दी जाती थी। प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – Indian Express

यहां लूटपाट, झपटमारी, छिनैती, जेबतराशी इत्यादि गंभीर अपराधों की ट्रेनिंग दी जाती है। आप सोच रहे होंगे कि कानून के रहते हुए ऐसा भी हो सकता है? तो आपको इसका जवाब दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो लुटेरों के इकबालिया जुर्म से मिल सकता है। बीते शनिवार (11 मई, 2019) को पुलिस ने इन दोनों लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े इन दोनों लुटेरों का नाम है मोहम्मद मुस्तकीम और राहुल। इन दोनों पर आरोप है कि 16 अप्रैल की रात उन्होंने भलस्वा डेरी इलाके में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। इस दिन रात के वक्त घर लौट रहे एक शख्स को इन दोनों ने बीच राह में पकड़ लिया और उससे लूटपाट करने की कोशिश करने लगे। युवक ने जब इनका विरोध किया तो उन्होंने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया। इसके बाद इन्होंने घायल शख्स के पास से छह हजार रुपए और मोबाइल लूट लिए और फिर रात के अंधेरे में गायब हो गए। युवक ने इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और मामले की जांच कर आरोपियों को दबोचने के लिए खास टीम भी बनाई गई थी। इस टीम ने बेहतरीन काम करते हुए आखिरकार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

राहुल और मुस्तकीम को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जब उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो इन लोगों ने पुलिस के सामने हैरान कर देने वाले खुलासे किए। पुलिस के मुताबिक इन दोनों ने बताया कि वो दिल्ली के बाहरी इलाकों में जुर्म की पाठशाला लगाते हैं। जी हां, इस पाठशाला में वो नाबालिग बच्चों को लूटपाट और झपटमारी जैसे अपराधों की ट्रेनिंग देते हैं। इन दोनों ने मिलकर अब तक 50 से ज्यादा नाबालिगों को लूट और झपटमारी की ट्रेनिंग दी है। इनका गिरोह रात 1 बजे से 3 बजे तक के बीच में क्राइम करता है। इस गिरोह का मुख्य सरगना मुस्तकीम है। इस खुलासे ने पुलिस को चौंका दिया है। पुलिस अब इस मामले में इन दोनों से पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगाने में जुटी है।

यहां आपको याद दिला दें कि पिछले साल यानी वर्ष 2018 में भी दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग का पर्दाफाश किया था तो राजधानी दिल्ली में फुटपाथ और सड़कों पर घूमने वाले नाबालिग लड़कों को जेबतराशी और झपटमारी का प्रशिक्षण दिया करता था। उस वक्त खुलासा हुआ था कि इन बच्चों को मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए तैनात किया जाता था। उस वक्त पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को पकड़ा था। पता चला था कि इस गिरोह के सरगना ने 12 से ज्यादा बच्चों को क्राइम करने की ट्रेनिंग दी थी।

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