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मृत पिता को जिंदा बता लेता रहा पेंशन, सरकार को लगाया लाखों का चूना

Son Continues To Take Pension After His Father Death: शुरुआती जांच में पता चला है कि पिता के स्थान पर कई दफ्तरों में नरेश खुद पहुंच जाता था और उनकी उपस्थिति दर्ज कराता था। इतना ही नहीं वो अपने मृत पिता का फर्जी हस्ताक्षर भी किया करता था।

crime, crime news, coronavirusबताया जा रहा है कि यह लड़का पिता की जगह कार्यालयों में भी जाया करता था। फोटो सोर्स – नरेंद्र कुमार

Son Continues To Take Pension After His Father Death: हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक खबर सामने आई थी जिसमें एक महिला ने एक साथ 25 स्कूलों में पढ़ाने का फर्जीवाड़ा कर सरकार को 1 करोड़ रुपए का चपत लगाया था। अब हरियाणा में एक लड़क ने अपने मृत पिता को सालों तक जिंदा बताकर सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा दिया है।

पिता के निधन की बात छिपाई: फरीदाबाद ट्रेजरी में काम करते हुए एसके बंसल सेवानिवृत हुए थे। रिटायर होने के बाद उन्हें नियमों के मुताबिक सरकार की तरफ से पेंशन दिया जा रहा था। ‘News 18’ की खबर के मुताबिक 2011 में एसके बंसल का निधन हो गया। एसके बंसल के बेटे नरेश कुमार ने यह बात ना तो कार्यालय के अधिकारियों को बताई और ना ही बैंक अधिकारियों को। 8 साल तक एसके बंसल के नाम पर उनका बेटा फर्जीवाड़ा कर पेंशन उठाता रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

90 लाख से ज्यादा का लगाया चूना: जब तक सरकारी अधिकारियों को इस फर्जीवाड़े की भनक लगती तब तक सरकार को करीब 92.61 लाख रुपए का चूना लग चुका था। यानी मृत पिता के पेंशन के नाम पर बेटे ने 90 लाख से ज्यादा रुपए सरकार से ले लिये थे। अब इस मामले में ट्रेजरी ऑफिसर राजवीर सिंह की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस में केस दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। बताया जा रहा है कि 30 सितंबर 2019 तक मृतक की पेंशन लगातार जारी की जाती रही।

पिता की जगह खुद दफ्तरों में पहुंच जाता था: शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाली बातों का खुलासा हुआ है। पता चला है कि इस 8 साल के दौरान आरोपित ने दो बार अपने पिता का फर्जी जीवित प्रमाण पत्र (Living certificate) ट्रेजरी दफ्तर और बैंक में भी पेश किया। नरेश कभी एटीएम तो कभी चेक या ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए पेंशन की रकम बैंक से निकालता रहा। इतना ही नहीं पिता के स्थान पर कई दफ्तरों में नरेश खुद पहुंच जाता था और उनकी उपस्थिति दर्ज कराता था। इतना ही नहीं वो अपने मृत पिता का फर्जी हस्ताक्षर भी किया करता था।

‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एसी बहरा की मौत के बाद भी उनका जीवित प्रमाण पत्र मॉडल टाउन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को उपलब्ध कराया गया। इस दौरान बैंक के कैशियर द्वारा भी चेक के माध्यम से धनराशि जारी की जाती रही, जबकि कैशियर को हस्ताक्षर मिलाने चाहिए थे।

एसी बहरा का मृत्यु प्रमाण पत्र ट्रेजरी कार्यालय को भेजने के बजाय उनका जीवित प्रमाण पत्र भेज दिया गया, जिसके चलते वहां से भी पेंशन पर रोक नहीं लगाई गई। फरीदाबाद ट्रेजरी अधिकारी एसके बंसल (वर्तमान में सेवानिवृत्त) द्वारा 17 अप्रैल 2017 और सात दिसंबर 2018 को मृतक का फर्जी जीवित प्रमाण पत्र फर्जी हस्ताक्षर करते हुए प्रमाण पत्र जारी किया जाता रहा।

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