इलाज के अभाव अस्पताल में गर्भवती ने तड़प-तड़प कर तोड़ा दम, पति का आरोप- अस्पताल में डॉक्टरों ने पूछा लॉकडाउन में बच्चा क्यों प्लान किया?

Coronavirus, (COVID-19) Pregnant Woman Dead In Hospital West Bengal: महिला के पति के मुताबिक अस्पताल के एक बेड पर 4-5 मरीजों को एडजस्ट किया गया था और कोरोना के खतरे के बीच सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

CRIME NEWS, CRIME, CORONAVIRUSगर्भवती महिला को अस्पताल में सही इलाज तो नहीं मिला लेकिन चिकित्सक ने उनसे ऐसा सवाल जरुर पूछ लिया। सांकेतिक तस्वीर।

Coronavirus, (COVID-19) Pregnant Woman Dead In Hospital West Bengal: अस्पताल में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला से चिकित्सक ने पूछा कि लॉकडाउन में बच्चा क्यों प्लान किया? चिकित्सकों ने इलाज में ऐसी लापरवाही बरती की गर्भवती महिला की मौत हो गई। यह गंभीर आरोप मृतक महिला के पति ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले के जिला अस्पताल पर लगाए हैं। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ से बातचीत करते हुए मृतक महिला के पति रवि कुमार यादव ने कहा कि ‘बीते 5 जून को मैं अपनी पत्नी को Asansol District Hospital में एडमिट कराने के लिए लेकर आया था। यहां लाने के बाद शुरू में मेरी पत्नी का कोई इलाज नहीं किया गया। इतना ही नहीं अस्पताल के एक बेड पर 4-5 मरीजों को एडजस्ट किया गया था और कोरोना के खतरे के बीच सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

रवि कुमार यादव के मुताबिक अस्पताल के एक चिकित्सक ने उनकी गर्भवती पत्नी से पूछा कि ‘उन्होंने लॉकडाउन में बच्चे का प्लान क्यों किया?’ महिला के पति ने बताया कि अस्पताल में कोई चिकित्सक उनकी पत्नी को देखने के लिए राजी नहीं था। मृतक के परिजनों के मुताबिक 6 जून को बड़ी मुश्किल से एक चिकित्सक उनकी पत्नी की इलाज के लिए राजी हो गए। इस चिकित्सक ने परिजनों से कहा कि महिला का ऑपरेशन करना होगा। हालांकि जब महिला को लेबर रूम में ले जाया जा रहा था तब व्हीलचेयर पर ही उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की डिलीवरी व्हील चेयर पर ही हुई।

महिला के पति के मुताबिक अत्यधिक पीड़ा में होने की वजह से उनकी पत्नी को हार्ट अटैक आ गया जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक महिला के पति ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज ना मिल पाने औऱ चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत हो गई। जब चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया उस वक्त उनका बच्चा भी सांस नहीं ले पा रहा था और अस्पताल में वेंटिलिटेर की सुविधा नहीं होने की वजह से उसकी भी मौत हो गई।

आपको याद दिला दें कि अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा से भी एक ऐसी ही खबर आई थी। यहां 8 महीने की गर्भवती 30 साल की एक महिला इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर काटती रही लेकिन आखिरकार एंबुलेंस में ही गर्भवती की मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप था कि 13 घंटे तक लेबर पेन से कराह रही महिला को एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल लेकर भागते रहे लेकिन सभी हॉस्पिटल ने बेड न होने का हवाला देकर एडमिट नहीं किया।

इस मामले में नोएडा डीएम सुहास एल वाई ने जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच सौंपी गई है। डीएम ने तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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