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कोरोना का खौफ! मौलाना के जनाजे जुटी 10,000 लोगों की भीड़, पुलिस ने कहा – जांच होगी

नागांव के डिप्टी कमीशनर जाधव सैकिया ने कहा कि 'दो केस दर्ज किये गये हैं। एक पुलिस के द्वारा और दूसरा स्पॉट पर मौजूद मजिस्ट्रेट के जरिए। जाधव सैकिया ने यह भी बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने के खतरे को देखते हुए 3 गांवों में लॉकडाउन किया गया है।

Author Edited By Nishant Nandan Updated: July 5, 2020 8:12 PM
crime, crime newsपुलिस को अंदेशा है कि करीब 10,000 लोग जुटे थे। फोटो सोर्स – वीडियो स्क्रीनशॉट

देश में अभी कोरोना का खौफ खत्म नहीं हुआ है। इस बीच असम के नागांव में हजारों लोगों की भीड़ एक मौलाना के जनाजे में जुटी। 87 साल के मशहूर धार्मिक गुरु खैरूल इस्लाम को 2 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। खैरूल इस्लाम All India Jamiat Ulema के वाइस प्रेसिडेंट हैं और नॉर्थईस्ट Aamir-e-Shariat के भी प्रेसिडेंट है।

खैरूल इस्लाम 87 साल के थे और नागांव में और उनके जन्मस्थान भी है। खैरूल इस्लाम के परिजन यह चाहते थे कि उनका जनाजा 3 जुलाई को निकाला जाए। हालांकि बाद में 2 जुलाई को ही अंतिम संस्कार करने का फैसला किया गया। खैरूल इस्लाम के बेटे अमिनुल इस्लाम ने अपने फेसबुक पर जनाजे की तस्वीरें भी पोस्ट की थी। इन तस्वीरों में भारी भीड़ नजर आ रही है।

अमिनुल इस्लाम All India United Democratic Front (AIUDF) के विधायक है और इस वक्त नागांव के ढिंग विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यहां के जिला प्रशासन को अनुमान है कि इस जनाजे में करीब 10,000 लोग शामिल हुए थे। नागांव के डिप्टी कमीशनर जाधव सैकिया ने कहा कि ‘दो केस दर्ज किये गये हैं। एक पुलिस के द्वारा और दूसरा स्पॉट पर मौजूद मजिस्ट्रेट के जरिए। जाधव सैकिया ने यह भी बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने के खतरे को देखते हुए 3 गांवों में लॉकडाउन किया गया है।

उन्होंने कहा कि ‘भीड़ में किसी तरह की लॉ एंड ऑर्डर की समस्या नहीं आई। लेकिन भीड़ ने कोविड-19 को लेकर बनाए गए नियम मसलन- सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क इत्यादि पहनने के नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले में किसी एक आदमी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। लेकिन नियमों तोड़ने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हम मामले की जांच करेंगे और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।’

‘Sunday Express’ से बातचीत के दौरान MLA इस्लाम ने कहा कि ‘मेरे पिता एक मशहूर शख्सियत थे औऱ उनके कई फॉलोअर्स हैं। हमने प्रशासन को उनके निधन और अंतिम संस्कार के बारे में बताया था। लोगों की संख्या नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई गाड़ियों को लौटा दिया गया था। लेकिन लोग दूसरे रास्ते से आकर इसमें शामिल हुए।’ आपको बता दें कि अमिनुल इस्लाम का कथित तौर से एक सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाला भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद अप्रैल के महीने में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

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