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यहां दाढ़ी बढ़ाने पर मुसलमानों की हो रही गिरफ्तारी, विश्वसनीय और अविश्वसनीय का भी मिल रहा दर्जा

अत्यधिक दाढ़ी बढ़ाने पर एक शख्स को करीब 15 दिनों तक उसके परिवार के साथ दूसरे कैंप में रखा गया तथा उसके व्यवहार की जांच की गई ताकि यह पता चल सके कि वो कहीं अतिवादी विचारधार से प्रेरित तो नहीं?

ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले मुसलमानों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – (Express photo: Partha Paul)

मुसलमानों के दाढ़ी बढ़ाने, नकाब पहनने और ज्यादा बच्चे पैदा करने पर ऐक्शन लिया गया है। इसकी वजह से चीन में कई उईगर मुसलमानों को गिरफ्तार कर अज्ञात जगह पर भेज दिया गया है। पता चला है कि चीन में परिवार के साथ कैद किए लोगों को ट्रैक किया जाता है और उन्हें अलग-अलग नाम की कैटिगरी में रखा जाता है। कई परिवारों को ‘विश्वसनीय’ या ‘अविश्वसनीय’ का दर्जा दिया गया है। उनके व्यवहार को ‘साधारण’ या ‘अच्छे’, परिवारों में जैसे ग्रेड में बांटा गया है। बता दें कि इस संबंध में 137 पन्नों का डॉक्यूमेंट जर्मनी के न्यूज चैनल DW औऱ BBC के हाथ लगा है।

चीन में उईगर मुसलमानों की दशा को लेकर नये रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि चीन प्रतिदिन यहां उईगर मुसलानों की आबादी की बारिकी से मॉनिटरिंग कर रहा है। इतना ही नहीं अलग-अलग कैंपों में रह रहे लोगों के व्यवहार और यहां तक की उनकी बढ़ती दाढ़ी पर भी नजर रखी जा रही है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अत्यधिक दाढ़ी बढ़ाने पर एक शख्स को करीब 15 दिनों तक उसके परिवार के साथ दूसरे कैंप में रखा गया तथा उसके व्यवहार की जांच की गई ताकि यह पता चल सके कि वो कहीं अतिवादी विचारधार से प्रेरित तो नहीं? इन कागजातों के आधार पर कहा जा रहा है कि साल 2017-18 में करीब 311 लोगों को Karakax एक अलग कैंप में भेजा गया है। इसके पीछे यह वजह बताई गई है कि यह लोग फास्टिंग रखते थे, दाढ़ी बढ़ाते थे, पासपोर्ट के लिए इन्होंने उप्लाई किया था और यह लोग कई बच्चे पैदा कर रहे थे।

दावा किया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में Xinjiang क्षेत्र में रहने वाले 3000 से ज्यादा लोगों की निजी जानकारियां मौजूद हैं। इनमें उनका पूरा नाम, उनकी पहचान उनके दोस्तों के नाम औऱ पड़ोसियों की भी पूरी जानकारी है। बच्चों को भी इस लिस्ट में रखा गया है। इसमें इंटरनेट पर इन लोगों द्वारा अपने दोस्तों तथा ऱिश्तेदारों से किये गये चैट, के अलावा वीडियो को भी शामिल किया गया है।

कहा जाता है कि साल 2014 से चीन में विभिन्न कैंपों में करीब 2 मिलियन उईगर मुसलमान हैं। चीन की तरफ से शुरू से यह कहा जाता है कि इन कैंपों में मुसलमानों vocational training दी जाती है ताकि वो अतिवाद से बचे रहे हैं। हालांकि इन सेंटरों में रहने वाले कई लोग मुसलमानों के साथ गैंगरेप, उनपर मेडिकल एक्सपेरिमेंट और उन्हें टॉर्चर किये जाने का आरोप लगा चुके हैं।

हालांकि यह भी कहा जाता है कि चीन में इस वक्त करीब 10 लाख उईगर मुसलमानों को कैद करके डिटेंशन कैंपों में रखा गया है। डिटेंशन कैंपों के बाहर के उईगर मुसलमानों के भी फोन, लोकेशन, फोन डेटा, आईकार्ड और गाड़ियों की ट्रैकिंग की जाती है।

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