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कौन है 40 लाख का इनामी नक्सली हिडमा? जिसे बताया जा रहा है नक्सली हमले का मुख्य आरोपी

बताया जा रहा है कि हिंडमा Maoists Dandakaranya Special Zonal Committee (DKSZ) का सदस्य है।

शहीद जवानों को बीजापुर में श्रद्धांजलि दी गई। फोटो सोर्स- ANI

शनिवार को छत्तीसगढ़ में हुए नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गये और 31 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये। सुरक्षाकर्मियों ने सुकमा-बिजापुर बॉर्डर के पास नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक हमारे जवानों पर हमला कर दिया और इस हमले में कई जवान शहीद हो गये। इस हमले के बाद ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि वांछित नक्सली हिंडमा उर्फ हिंडमाना छत्तीसगढ़ के जंगलों में ही छिपा हुआ है और इस हमले में उसका ही हाथ है। यह भी कहा जा रहा है कि जिस इलाके में सुरक्षाबल के जवानों ने ऑपरेशन चलाया था वहां हथियारबंद नक्सलियों का एक ग्रुप पहले से मौजूद था और इन नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

हिंडमा के बारे में यह आशंका जताई जा रही है कि वो सुकमा जिले के पुआरती गांव का रहने वाला है। कहा जा रहा है कि 90 के दशक के दौरान हिंडमा ने नक्सली संगठन ज्वायन किया था। यह भी कहा जा रहा है कि हिंडमा People’s Liberation Guerrilla army’s (PLGa) बटालियन का चीफ है। इस ग्रुप में 180-250 नक्सली मौजूद हैं। इसमें महिला नक्सली भी शामिल हैं। आरोप लग रहे हैं कि हिंडमा और उसके ग्रुप के सदस्यों ने ही सुरक्षा बल के जवानों पर हमला किया है।

बताया जा रहा है कि हिंडमा Maoists Dandakaranya Special Zonal Committee (DKSZ) का सदस्य है। हिंडमा को पकड़ना पुलिस के लिए इसलिए भी मुश्किल है, क्योंकि कहा जा रहा है कि पुलिस के पास उसकी कोई हालिया तस्वीर मौजूद नहीं है। हिंडमा के सिर पर पुलिस ने 40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। एनआईए ने भीम मांडवी मर्डर केस में इस खूंखार नक्सली के खिलाफ चार्जशीट फाइल किया था।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल जनवरी से जून महीने के बीच नक्सली अपना Tactical Counter-Offensive Campaign (TCOC) चलाते हैं। इस कैंपेन के तहत नक्सली सुरक्षा बलों पर जानलेवा प्रहार करते हैं। बताया जाता है कि यह वक्त नक्सलियों ने इसलिए चुना है क्योंकि इस दौरान घने जंगलों में पेड़ों के पत्तों से छिपने में इन्हें काफी सुविधा मिलती है।

शनिवार को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में 22 जवानों की जान चली गई और 31 जवान घायल हो गये। सुरक्षा बलों ने सुकमा-बीजापुर बॉर्डर के पास ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों ने उनपर हमला कर दिया। माना जा रहा है कि सुरक्षा बल के एक जवान अभी भी लापता हैं। इस बड़ी घटना के बाद डायरेक्टर-जनरल, (CRPF), कुलदीप सिंह छत्तीसगढ़ पहुंचे और उन्होंने हालात का जायजा लिया।

CRPF ADG (HQ) जुल्फिकार हसन और IG (Operations) नलिन प्रभात पहले से ही छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं। उच्च अधिकारियों ने 22 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है। इस हमले के बाद नक्सली शहीद जवानों के बुलेट प्रूफ जैकेट, उनके हथियार और यहां तक की उनके जूते भी लेकर चले गये।

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