सैकड़ों करोड़ रुपए के सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने राजरानी वर्मा, अर्पण वर्मा और जसीमा खातून को किया गिरफ्तार, कई राज खुलने की संभावना

सैकड़ों करोड़ रुपए के सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने मंगलवार को तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

घोटाले के आरोपी तीनों गिरफ्तार महिलाओं को पेशी के लिए भागलपुर कोर्ट ले जाती सीबीआई की टीम।

सैकड़ों करोड़ रुपए के सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने मंगलवार को तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें सबौर थाना इलाके की राजरानी वर्मा, अर्पण वर्मा और जसीमा खातून शामिल हैं। ये सभी सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड की कार्यकारिणी सदस्य बताई जा रहीं हैं। 

हालांकि सृजन घोटाले की प्रमुख आरोपी मनोरमा देवी का निधन हो चुका है। इनके बेटे अमित और रजनी प्रिया अभी भी फरार हैं। इनके खिलाफ 25 हजार रुपए का सीबीआई ने इनाम घोषित कर रखा है। इससे पहले विपिन शर्मा की पत्नी रूबी कुमारी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ये कोलकत्ता से पटना हवाई जहाज से आई थी। इसके बाद विपिन की गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने भागलपुर से की है। बताते हैं कि घोटाले की मुख्य आरोपी और सृजन महिला विकास सहयोग समिति की सचिव स्व. मनोरमा देवी के ये लोग बहुत करीबी थे। घोटाले में इनकी भी मुख्य भूमिका मानी जा रही है। इनके और इनकी पत्नी के नाम से अकूत संपत्ति अर्जित करने का ईडी की जांच में पता चला है।

बताते हैं कि वैसे सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार करने का वारंट जारी कर रखा है। इनमें पूर्णेन्दु कुमार, रूबी कुमारी, और सीमा कुमारी जेल में बंद हैं। जसीमा खातून, राजरानी वर्मा, अर्पणा वर्मा की गिरफ्तारी मंगलवार को की गई है। सतीश कुमार झा अभी भी फरार चल रहे हैं। ये सभी सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के पदाधिकारी हैं।

बता दें कि सीबीआई अगस्त 2017 से और ईडी मई 2018 से अलग-अलग मामले की जांच कर रही है। इसमें अबतक 25 से ज्यादा एफआईआर सीबीआई ने दर्ज की है। जांच के दौरान तीन डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी अरुण कुमार, जयश्री ठाकुर और राजीव रंजन सिंह गिरफ्तार हो चुके हैं। अरुण कुमार की पत्नी इंदु गुप्ता के बैंक खाते में चार करोड़ रुपए से ज्यादा सृजन के खाते से रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। डेढ़ करोड़ रुपये तो बंधन बैंक के इनके खाते में जमा मिले हैं। घोटाला उजागर होने के बाद खाते से निकासी पर रोक लगाई गई। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक बैंक अधिकारी व कर्मचारी, राज्य सरकार के कार्यलयों में तैनात नाजिर इस मामले में जेल में बंद हैं।

जानकार बताते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय ने अबतक डेढ़ सौ करोड़ रुपए के मनी लांड्रिंग का मामला अपनी जांच में पाया है और सरकारी धन की हेराफेरी कर नोएडा, गाजियाबाद, पटना, देवघर, भागलपुर व दूसरे शहरों में फ्लैट, मकान, जमीन, शोरूम खरीदे गए हैं। बताते हैं कि अबतक ईडी ने अपनी कार्रवाई कर 14 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। इसी सिलसिले में विपिन शर्मा और पीके घोष दो रंक से राजा बने कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे सृजन घोटालेबाजों में हड़कंप मच गया है।

सूत्र बताते हैं कि ईडी सृजन से जुड़े जिन लोगों की जायदाद की जांच कर रही है उनमें डा.प्रणव कुमार , डा. अमीना बानो अंसारी, रजनी प्रिया, अमित कुमार, सीमा कुमारी, आस्था लाल, अर्चना लाल, कल्पना कर्ण, असीम कुमार, इंदु गुप्ता, पूजा कुमारी, भारती ठाकुर, विपिन शर्मा, रूबी कुमारी, प्रणव कुमार घोष, जयश्री ठाकुर के नाम शामिल हैं। विपिन शर्मा के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी दर्ज पीएमएलए संख्या 05/2021 के तहत की गई थी।

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