एक अपराधी के देश निकाला में खर्च हुए दो अरब रुपये, 218 सीटों वाले चार्टर विमान में बैठाकर भेजा मुल्क के बाहर

ब्रिटेन में इन दिनों ऑपरेशन एस्पार्टो के तहत उन लोगों को जबरदस्ती देश से निकाला जा रहा है, जो देश में अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके लिए ब्रिटेन ने अरबों रुपये का खर्च कर डाला है। विपक्ष सरकार के इस कदम की आलोचना कर रहा है।

britain operation esparto
प्रतीकात्मक फोटो (@pixabay)

ब्रिटेन में एक अपराधी को देश से निकालने के लिए करीब दो अरब रुपये खर्च किए गए हैं। ब्रिटेन ने पिछले साल एक मुहिम शुरू की है जिसका नाम है ऑपरेशन एस्पार्टो। इसके तहत उन लोगों को देश से बाहर निकाला जा रहा है जो अवैध रूप से वहां रह रहे हैं।

ऑपरेशन एस्पार्टो (Operation Esparto) के तहत ही इस अपराधी को देश से बाहर निकाला गया था, जिसमें लगभग दो अरब रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। द सन की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन के मंत्रियों ने पिछले तीन महीनों में औसतन 13 हजार 354 पाउंड प्रति व्यक्ति के हिसाब से जारी किए थे, लेकिन अब तक 17.1 मिलियन पाउंड इन लोगों को निकालने पर खर्च हो चुका है। इस ऑपरेशन के तहत विदेशी अपराधियों, अवैध अप्रवासियों और असफल शरण के दावेदारों को वापस उनके देश भेजा जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार 2020 में छह फ्लाइट ऐसी थीं जिसमें पांच से कम लोगों को लेकर उड़ान भरी गई। इस ऑपरेशन के तहत सबसे बड़ी उड़ान 121 कर्मचारियों के साथ 34 लोगों की रही है। इन्हें अल्बानिया डिपोर्ट किया गया था। एक और उड़ान में 267 यात्री सीटों वाला एक पैसेंजर विमान सिर्फ तीन लोगों के लिए फ्रांस और इटली के लिए उड़ान भरा था। इसी ऑपरेशन के तहत एक अपराधी को ब्रिटेन से निकालने के लिए एक 218 सीट का विमान किराये पर लिया गया था, जिसमें 14 क्रू के सदस्य सवार थे।

ब्रिटेन के इस ऑपरेशन और बेतहाशा खर्च पर विपक्ष ने अब सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी पार्टी इस योजना को बेकार और फिजूलखर्च कह रही हैं। टोरी के सांसद डेविड जोन्स ने इस ऑपरेशन के तहत किए जा रहे खर्चे को “बेकार” कहा है। टैक्सपेयर्स एलाइंस के जॉन ओ’कोनेल ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि इन खर्चों को जानकर करदाता चौंक जाएंगे।

वहीं सरकार अपने फैसले पर अडिग है और इन खर्चों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। ब्रिटेन गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम उन प्रवासियों को हटाने के लिए कोई माफी नहीं मांगेंगे, जिनके पास ब्रिटेन में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

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