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22 साल की महिला कांग्रेस नेता से थे अवैध संबंध, ‘दृश्‍यम’ देख बीजेपी नेता ने बेटों संग मिलकर मरवा दिया, गिरफ्तार

आरोपियों ने एक्टर अजय देवगन की 'दृश्यम' फिल्म की तर्ज पर खुद के बच निकलने की साजिश रची थी। लेकिन पुलिस ने एक खास जांच से पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

Author January 13, 2019 11:05 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी के नेता सहित पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी पर एक 22 साल की कांग्रेस महिला नेता की हत्या का आरोप है। लड़की की हत्या दो साल पहले की गई थी। उसके बाद से पुलिस मामले की पड़ताल में लगी थी। हत्या के बाद खुद के बचाव के लिए आरोपियों ने पुलिस को भी घुमाते रहने की योजना बनाई थी। हत्या से बचने के लिए बनाई गई योजना काफी वक्त तक कामयाब भी हुई। आरोपियों ने एक्टर अजय देवगन की ‘दृश्यम’ फिल्म की तर्ज पर खुद के बच निकलने की साजिश रची थी। लेकिन पुलिस ने एक खास जांच से पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

मामला मध्य प्रदेश का है। यहां दो साल पहले बाणगंगा क्षेत्र की निवासी 22 साल की लड़की ट्विंकल डागरे की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने बीजेपी नेता जगदीश करोतिया उर्फ कल्लू पहलवान (65), उनके तीन बेटे अजय (36), विजय (38), विनय (31) और उनके सहयोगी नीलेश कश्यप (28) को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि, भाजपा नेता और लड़की के बीच कथित तौर पर नाजायज रिश्ते थे। इस रिश्ते के बारे में बीजेपी नेता के घर पर पता चल चुका था। वहीं, ट्विंकल भाजपा नेता पर साथ रहने का दबाव बना रही थी। जगदीश करोतिया के परिवार में इसे लेकर विवाद बढ़ता जा रहा था। घर में बढ़ती कलह के कारण करोतिया और उनके बेटों ने ट्विंकल को रास्ते से ही हटाने की साजिश रची। सभी ने मिलकर 16 अक्टूबर 2016 को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद ट्विंकल के शव को जला भी दिया। इसके बाद पुलिस को मौके से एक कंगन और अन्य गहने बरामद मिले थे।

उन्होंने बताया कि, लड़की की हत्या की जांच के दौरान हमें पता चला है कि आरोपियों ने उसकी हत्या करने के लिए फिल्म ‘दृश्यम’ देखी थी। फिल्म के एक खास सीन को ध्यान में रखते हुए आरोपियों ने एक स्थान पर कुत्ते का शव दफना दिया। बाद में आरोपियों ने ही अफवाह फैलाई की इंसानी शव दफनाया गया है। पुलिस ने जब वहां खुदाई की तो कुत्ते का शव बरामद हुआ। इससे काफी वक्त तक पुलिस जांच से भटकी भी। हालांकि पुलिस ने आखिर में केस को सुलझाने के लिए गुजरात प्रयोगशाला में करोतिया और उनके दो बेटों का ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑसिलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) का टेस्ट कराया गया। उन्होंने दावा किया कि इंदौर के इतिहास में किसी आपराधिक वारदात को सुलझाने के लिये पहली बार बीईओएस टेस्ट कराया गया।

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