पेट्रोल-डीजल महंगाई की नीम पर चढ़ा चोरी-मिलावट का करेला; पब्लिक पस्त, अफसर मस्त

अमेठी में डीजल और पेट्रोल की बिक्री के लिए 62 पेट्रोल पंप हैं, पर इनकी जांच-पड़ताल के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है।

सांकेतिक फोटो।

अमेठी में डीजल और पेट्रोल की बिक्री के लिए 62 पेट्रोल पंप हैं, पर इनकी जांच-पड़ताल के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। जांच से जुड़े अफसर अपनी जेब भरने में लगे हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि 62 में से दो पेट्रोल पंप तेल की चोरी करने के मामले में बंद पड़े हैं। बाकी चल रहे हैं। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की शिकायत आने के बाद जांच की जाती है। बाकी नियमित जांच का काम कंपनी के सेल्स अफसर और माप- तौल विभाग को करने का आदेश है।

एसटीएफ की टीम ने एक साल पहले लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर तेल चोरी की शिकायत पर छापेमारी में मशीन से चिप बरामद किए थे, जिससे हड़कंप मच गया था। मशीन से तेल चोरी की चिप बरामद होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों की जांच करने के आदेश दिए थे। धड़पकड़ अभियान के दौरान अमेठी के दो पंपों की छापेमारी में चोरी पकड़ी गई थी, लेकिन तबसे जांच बंद है।

पेट्रोल की कीमत 106 रुपए और डीजल 98 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कांग्रेस नेता डॉ नरेंद्र मिश्र ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत रोजाना बढ़ रही है, जिससे वाहन चालक परेशान हैं। मनमोहन सिंह की सरकार में पेट्रोल की कीमत 60 रुपए के आसपास होने पर भाजपा के नेता सड़क पर प्रदर्शन करते थे जबकि आज चुप हैं।

आचार्य संतोष शास्त्री ने बताया कि वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। 106 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल बिक रहा है। ऊपर से इसके बाद तेल की चोरी हो रही है। मिश्र ने बताया कि एक साल पहले एसटीएफ की धड़पकड़ के बाद तेल चोरी बंद हो गई थी, जिससे गाड़ियों का माइलेज बढ़ गया था पर अब तेल की चोरी फिर चरम पर है, जिससे माइलेज घट गया है। यही हाल गैस एजेंसियों का भी है। तय कीमत पर घर- घर सिलेंडर आपूर्ति के नाम पर बीस से तीस रुपए अ‍धिक की वसूली और सिलेंडरों से गैस की चोरी की जा रही है।

दो पहिया वाहन के एजेंसी मालिक गजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कंपनी एक लीटर पेट्रोल पर माइलेज तय कर रखा है पर तेल चोरी के कारण कंपनी का मानक टूट गया है। उपभोक्ता माइलेज को लेकर बेहद चिंतित हैं। मिस्त्री सुधीर सिंह ने बताया कि मिलावटी पेट्रोल से वाहन के इंजन ख़राब हो रहे हैं। वाहन मालिक संतोष शुक्ल ने बताया कि रानी की टंकी पर 3200 सौ रुपए में मेरी गाड़ी की टंकी फुल हो जाती है पर अन्‍य टंकियों पर 3500 सौ रुपए लगते हैं। इससे तेल चोरी होने की बात समझ में आ रही है।

सेवई व्‍यापारी प्रदीप सिंह ने बताया कि रिलायंस के पेट्रोल पंपों पर तेल की चोरी नहीं होने के कारण गाड़ियों का माइलेज कंपनी के मानक के अनुरूप है लेकिन अन्‍य टंकियों पर माइलेज नहीं मिलता है। कपड़ा व्यापारी आशीष पाठक ने बताया कि गैस सिलेंडर से भी गैस की चोरी होती है। इसके बाद डिलीवरी के नाम पर तीस रुपए अलग से वसूली करते हैं। इस बाबत बात करने पर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि एक साथ सभी पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी। जांच पड़ताल में दोषी पाए जाने पर अफसर समेत पेट्रोल पंप मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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