ताज़ा खबर
 

NIA की जांच के बीच मिली जमीन के अंदर से एक और AK47, गिरफ्तार सिपाही ने दिया सुराग

शुक्रवार को भागलपुर आईजी पुलिस रेंज की मुंगेर पुलिस को एक और एके 47 रायफल बरामद करने में कामयाबी मिली है। यह प्रतिबंधित हथियार मुंगेर के तौफिर ग़ांव के नारद यादव के बथान (गाय बांधने की जगह) की जमीन में गाड़ रखी थी।

प्रतीकात्मक फोटो

शुक्रवार को भागलपुर आईजी पुलिस रेंज की मुंगेर पुलिस को एक और एके 47 रायफल बरामद करने में कामयाबी मिली है। यह प्रतिबंधित हथियार मुंगेर के तौफिर ग़ांव के नारद यादव के बथान (गाय बांधने की जगह) की जमीन में गाड़ रखी थी। इसमें इस्तेमाल होने वाले 80 जिंदा कारतूस व पांच खोखे भी पुलिस ने वहां से जब्त किए है। इस सिलसिले में तीन जनों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले यहां की पुलिस ने 20 एके 47 राइफलें और पांच सौ से ज्यादा इसके बनाने के कलपुर्जे बरामद किए थे। हालांकि एके 47 तस्करी मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजंसी ( एनआईए ) ने अपने हाथ में ले ली है । गृह मंत्रालय की मिली इजाजत के बाद एनआईए के डीएसपी एनके मालवीय तेरह अधिकारियों की टीम के साथ मुंगेर पहुंचे थे । और इससे जुड़े यहां के थानों में दर्ज छह एफआईआर 22 अक्तूबर को अपने जिम्मे ले ली । सूत्र बताते है कि मुंगेर पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले के तमाम कागजात और सुराग की जानकारी एनआईए के अधिकारियों को दे दी। मगर मुंगेर के एसपी बाबू राम ने भी अपने स्तर से जांच जारी रखी। नतीजतन एक और एके 47 रायफल बरामद करने में सफलता हासिल की।

एसपी बाबू राम ने पत्रकारों को बताया कि बीते दो रोज पहले पटना पुलिस लाइन में तैनात सिपाही धर्मवीर कुमार यादव को मिले सुराग के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। यह खगड़िया ज़िले के बड़ी मुरादपुर ग़ांव का वाशिंदा है। इसने पूछताछ के दौरान अहम जानकारी दी। इसकी निशानदेही पर मुंगेर के ग़ांव तौफिर के नारद यादव और वेदानंद यादव को दबोचा। और इनकी जमीन के अंदर रखी गई एके 47 बरामद की। खगड़िया ज़िले के मुरादपुर ग़ांव के भदेही यादव और नारद के मामा गुल्लो यादव को भी पुलिस ढूंढ रही है। भदेही यादव ने ही धर्मवीर के जरिए रिजवान से साढ़े चार लाख रुपए में यह रायफल खरीदी थी। और नारद को छिपाकर रखने दी थी। भदेही यादव ठेकेदारी करता है। रिजवान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

मालूम रहे कि 29 अगस्त से प्रतिबंधित हथियार एके 47 की मुंगेर में बरामदगी का सिलसिला शुरू हुआ था। जो एक महीने के दौरान 20 एके 47 रायफल और पांच सौ से ज्यादा इसके बनाने के पुर्जे बरामद किए गए। इमरान , शमशेर, इरफान , सेना के रिटायर जवान नियाबुल रहमान , तनवीर , मंजर आलम समेत दस हथियार सप्लायरों को मुंगेर पुलिस ने और केंद्रीय आयुद डिपो जबलपुर के रियायर आर्मर पुरुषोत्तम लाल रजक , इनकी पत्नी और बेटा के अलावे स्टोरकीपर सुरेश ठाकुर को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मसलन अबतक 28 लोगों को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

इनसे हुई पूछताछ के बाद ही ये हथियार बरामद हुए और इनके तस्करी के जाल का पता चला। इनके तार दिल्ली-एनसीआर तक जुड़े होने का संदेह भी पुलिस को है। जबलपुर से गिरफ्तार सेना के रिटायर आर्मर ने ही पुलिस के सामने कबूला कि 2012 से अबतक 70 एके 47 राइफलें सुधार कर हथियार तस्करों के हाथ बेची है। जिसके एवज में इसे चार-पांच लाख रुपए मिलते थे। पुरुषोत्तम के रहन सहन और ठाठ देखकर पुलिस का माथा ठनका । एसपी बताते है कि शमशेर ने ही पुलिस के सामने कबूला है कि 35 एके 47 रायफल मंजर आलम को दी गई है। मगर मंजर अपनी जुबान नहीं खोल रहा है। एसपी बताते है कि इसके ताल्लुक दिल्ली , दिल्ली एनसीआर , उत्तर प्रदेश , झारखंड के हथियार तस्करों से है।

ध्यान रहे कि अजमेरी बेगम के घर के बगल इसकी जमीन में छुपकर रखी दो एके 47 रायफल पुलिस ने बरामद की थी। तीन एके47 इमरान और तीन शमशेर के पास से मिली थी। हजारीबाग से तनवीर आलम की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर बरदह ग़ांव के एक कुंए से 12 एके 47 राइफलें बरामद की जा सकी थी। पांच सौ से ज्यादा एके 47 रायफल बनाने के पुर्जे भी कुंए से जब्त किए है। इनमें ट्रिगर , बट, मैगजीन , कंप्रेशर सेंटर, गार्ड लिवर, स्प्रिंग, सलेक्टर्स बगैरह है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले के और तह तक जाने के वास्ते ही आगे की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआईए) को सुपुर्द किया गया है। ताकि सुराग मिले कि आखिर बाकी एके 47 कहां है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X