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सुशांत की मौत के बाद चर्चा में आए थे यह IPS, बिहार में शराबबंदी और गो तस्करी समेत कई अपराधों को कंट्रोल करने वाले अफसर विनय तिवारी की कहानी…

पटना में तैनात होने के बाद जनवरी 2020 में विनय तिवारी ने बड़ा कारनामा किया था। पाटलिपुत्र कॉलोनी से किडनैप स्टूडेंट को 48 घंटे के अंदर किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया गया था। इस काम को लेकर विनय तिवारी की काफी प्रशंसा हुई थी।

crime, crime newsIPS विनय तिवारी। फेसबुक, @vinay tiwari ips

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद जब उनके पिता ने पटना में एक एफआईआर दर्ज कराई थी तब इसकी जांच का जिम्मा आईपीएस अफसर विनय तिवारी को दिया गया था। हालांकि महाराष्ट्र आने के बाद विनय तिवारी को क्वारन्टीन कर दिया गया था और इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा था। बाद में विनय तिवारी बिहार लौट आए थे। आईपीएस अफसर विनय तिवारी की गिनती एक साहसी अफसरों में होती है।

उत्तर प्रदेश के ललितपुर में जन्में विनय तिवारी के पिता किसान थे। खेतों में मेहनत-मजदूरी कर उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाया और एक काबिल अफसर भी बनाया। इंजीनियरिंग में दिलचस्पी करने वाले विनय तिवारी राजस्थान के कोटा में गए और वहां से अपनी स्कूलिंग पूरी की। इसके बाद उन्होंने IIT-BHU की प्रवेश परीक्षा भी पास की। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने यूपीएसी की परीक्षा पास करने का फैसला किया। परीक्षा की तैयारी करने के लिए वो दिल्ली चले आए।

अपने फेसबुक पर एक बार विनय तिवारी ने बताया था कि शुरुआती दिनों में वो पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखते थे। उन्होंने सिर्फ आर्थिक तौर से खुद को सुरक्षित करने के लिए पढ़ाई शुरू कि लेकिन यहीं जरुरत उनकी दिलचस्पी बन गई। विनय तिवारी ने यह भी बताया था कि उनके पिता ने उन्हें सिविल सर्विस की परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया था और उनकी पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए पिता ने लोन भी लिया था। कर्ज में डूबे पिता को उबारने के लिए विनय तिवारी ने अपनी सारी ताकत पढ़ाई-लिखाई में झोंक दी।

होनहार विनय तिवारी ने दूसरी बार में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। अपनी ईमानदारी और सिद्धांतों के लिए मशहूर आईपीएस विनय तिवारी को दो वर्ष की ट्रेनिंग के बाद बेगूसराय और गोपालगंज में तैनाती मिली। स्वभाव से ही निडर विनय तिवारी ने इन दोनों ही जिलों में कई पेंडिंग पड़े केसों को सुलझाया।

इतना ही नहीं बेगूसराय में तैनाती के दौरान उन्होंने शराबबंदी और गो तस्करी पर लगाम लगाने के लिए खुल कर अपराधियों के खिलाफ काम किया। अफसर विनय तिवारी के इस काम की जमकर प्रशंसा की गई। अपने शानदार काम की वजह से विनय तिवारी को उत्कृष्ट सेवा पदक से खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्मानित किया था।

पटना में तैनात होने के बाद जनवरी 2020 में विनय तिवारी ने बड़ा कारनामा किया था। पाटलिपुत्र कॉलोनी से किडनैप स्टूडेंट को 48 घंटे के अंदर किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया गया था। इस काम को लेकर विनय तिवारी की काफी प्रशंसा हुई थी।

29 जनवरी 2020 को पटना के टीपीएस कॉलेज के प्रोफेसर शिव नारायण राम की हत्या हुई थी। इस मामले का भी खुलासा करते हुए विनय तिवारी ने प्रोफसर के भाई समेत कई अपराधियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक बार पाटलिपुत्र थाना के मुंशी अरविंद पांडेय द्वारा शराब के नशे में फरियाद लेकर आई एक महिला से बदतमीजी करने की शिकायत उन्हें मिली थी। सिटी एसपी विनय तिवारी ने तड़के तीन बजे थाने पहुंचकर नशे में धुत मुंशी को पकड़ा था।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच की जिम्मेदारी मिलने के बाद विनय तिवारी मुंबई गए थे। मुंबई में क्वारन्टीन होकर लौटने के बाद विनय तिवारी ने कहा था कि ‘मेरे दौरे की सूचना होने के बावजूद उस वक्त मुझे लेने के लिए हवाईअड्डा कोई नहीं आया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें बीएमसी के अधिकारियों ने जबरन क्वारन्टीन किया था।’

 

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