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भय्यू महाराज सुसाइड केस: शादी की ख्वाहिश, अश्‍लील वीडियो, हाई डोज दवा, ब्‍लैकमेलिंग की कहानी के 3 किरदार, तीनों दोषी करार

Bhaiyyu Maharaj Suicide Case: भय्यू महाराज ने अन्‍ना आंदोलन के दौरान अन्‍ना हजारे और सरकार के बीच मध्‍यस्‍थता की थी। भय्यू महाराज मध्‍य प्रदेश के उन पांच संतों में भी शामिल थे, जिन्‍हें सीएम शिवराज सिंह चौहान ने MOS स्‍टेट्स दिया था।

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भय्यू महाराज ने जून 2018 में लाइसेंसी रिवॉल्‍वर से खुद को गोली मार ली थी। (Photo- Indian Express file)

भय्यू महाराज आत्‍महत्‍या मामले में (Bhaiyyu Maharaj suicide Case) इंदौर की अदालत ने फैसला सुना दिया है। जिला अदालत ने भय्यू महाराज के सेवादार विनायक, शिष्‍या पलक और ड्राइवर शरद को दोषी ठहराते हुए तीनों को छह-छह साल की सजा सुनाई है। भय्यू महाराज ने साल 2018 में लाइसेंसी रिवॉल्‍वर से खुद को गोली मार ली थी। कोर्ट ने विनायक, शरद और पलक को भय्यू महाराज की सुसाइड के लिए जिम्‍मेदार माना। इन तीनों को भय्यू महाराज को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने का दोषी माना गया है। ये तीनों भय्यू महाराज को ब्‍लैकमेल कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्‍हें सुसाइड के लिए मजबूर होना पड़ा।

डिप्रेशन की हाई डोज दवा देकर बनाए अश्‍लील वीडियो

मध्‍य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में 125 लोगों से पूछताछ की थी, इनमें 28 के बयान दर्ज किए गए थे। पुलिस मुताबिक, विनायक, पलक और शरद तीनों मिलकर भय्यू महाराज की संपत्ति हड़पने का प्‍लान बना रहे थे। ये साजिश करीब दो साल से रची जा रही थी। ये तीनों को डिप्रेशन की दवा के नाम पर भय्यू महाराज को हाईडोज मेडिसिन देते थे, जिससे वह दो-तीन दिनों तक नींद की हालत में रहते थे। इसी हालत में पलक और भय्यू महाराज की कुछ अश्‍लील तस्‍वीरें, वीडियो बना लिए गए और ब्‍लैकमेलिंग का खेल चलने लगा। इसके बाद से ही भय्यू महाराज डिप्रेशन का शिकार होते चले गए।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि आत्‍महत्‍या के वक्‍त भय्यू महाराज के पास से जो सुसाइड नोट मिला, वह भी डिप्रेशन की दवा के नशे में सेवादारों ने साजिश के तहत पहले ही लिखवा लिया था।

शादी का दबाव बना रही थी पलक, भय्यू महाराज की दूसरी शादी होने के बाद से दे रही थी धमकी

भय्यू महाराज के साथ अश्‍लील वीडियो बनाने के बाद पलक उन्‍हें ब्‍लैकमेल करने लगी थी। वह उनसे ही महीने डेढ़ लाख रुपये वसूल रही थी। पलक भय्यू महाराज को धमकी दे रही थी कि अगर उन्‍होंने उससे शादी नहीं की तो वह सेक्‍स स्‍कैंडल में फंसे एक बाबा का उदाहरण देकर कहती थी कि उनके जैसा हाल कर दूंगी। पलक के दबाव के बावजूद भय्यू महाराज ने डॉक्‍टर आयुषी से दूसरा विवाह किया। जिस दिन भय्यू महाराज ने यह शादी की उस दिन पलक ने जमकर हंगामा किया। विनायक और शरद ने पलक और भय्यू महाराज के बीच हुई चैटिंग के साथ ही उनकी वीडियो कॉल भी रिकॉर्ड कर ली थी। पलक, विनायक और शरद ने भय्यू महाराज से करीब एक करोड़ रुपये हड़प लिए थे। तीनों ने पूरे आश्रम की संपत्ति और यहां तक कि भय्यू महाराज की तिजोरी को भी अपने कंट्रोल में ले लिया था।

पत्‍नी आयुषी को भय्यू महाराज से मिलने नहीं देता था विनायक

भय्यू महाराज सुसाइड केस में पहले उनकी बेटी कुहू और पत्‍नी आयुषी के बीच झगड़े की बातें सामने आई थीं, लेकिन जांच के बाद कहानी कुछ और ही निकली। भय्यू महाराज की पत्‍नी और उनकी दोनों बहनों ने बताया कि विनायक आयुषी को भय्यू महाराज से मिलने तक नहीं देता था। जब परिवार के लोगों ने पलक पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया तो उसने नौकरी छोड़ तो दी, लेकिन तिजोरी की चाबियां वह साथ लेकर चली गई थी।

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