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…तो पहले आसाराम बापू की रिहाई हो- बीजेपी सांसद की मांग, कहा- बीमार, बुजुर्ग और गलत दोषी करार दिए गए हैं

India Lockdown: आसाराम पर उन्हीं की एक छात्रा ने अपने साथ दुष्कर्म करने का आऱोप लगाया था। यह मामला साल 2012 में उजागर हुआ था।

आसाराम के समर्थकों ने भी उनकी रिहाई की मांग इससे पहले उठाई थी।

India Lockdown: देश में लोगों के अंदर अभी कोरोना वायरस का खौफ है। इस बीच जेल में भीड़ को कम करने के लिए कुछ कैदियों को पैरोल पर रिहा करने की कवायद चल रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी आसाराम को भी जेल से रिहा करने की मांग उठा दी है।

भाजपा सांसद ने ट्वीट कर कहा है कि ‘अगर सजा काट रहे कैदियों को छोड़ा जा रहा है तो सरकार को सबसे पहले गलत तरीके से दोषी करार दिए गए 85 साल के बुजुर्ग और बीमार आसाराम बापू को रिहा करना चाहिए।’ यहां आपको यह भी जानकारी दे दें कि इससे पहले आसाराम के कई समर्थक भी सोशल मीडिया पर आसाराम की रिहाई की अपील कर चुके हैं।

आसाराम अभी जोधपुर की जेल में बंद हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह भी खबर आई थी कि कोरोना के बहाने खुद को पैरोल पर छोड़े जाने की मांग को लेकर आसाराम ने जेल में भूख हड़ताल भी की थी।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों एक याचिका की सुनवाई करते हुए कोरोना वायरस के खतरे के कारण जेलों के इंतजाम पर सवाल खड़े किए थे। अदालत ने क्षमता से कई गुना ज्यादा कैदियों के होने पर राज्य सरकारों को कुछ को पैरोल पर छोड़ने का सुझाव दिया था। सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर अमल करे हुए उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कैदियों को छोड़ने की कवायद चल रही है।

आसाराम पर उन्हीं की एक छात्रा ने अपने साथ दुष्कर्म करने का आऱोप लगाया था। यह मामला साल 2012 में उजागर हुआ था। इसके बाद साल 2013 में इंदौर से आसाराम की गिरफ्तारी हुई थी। जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम को दुष्कर्म का दोषी माना था। आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और उसी वक्त से वो जेल में बंद हैं। इस मामले में अदालत ने आसाराम के 2 अन्य सहयोगियों को 20-20 साल की सजा भी सुनाई थी।

देश में इस वक्त कोरोना वायरस की वजह से विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। केंद्र तथा राज्य सरकारें लोगों से सोशल डिस्टेसिंग को सख्ती से फॉलो करने के लिए कह रही है। इसी के मद्देनजर देश में लॉकडाउन का ऐलान भी किया गया है। जिसके बाद जेल में कैदियों की भीड़ को भी कम करने पर विचार किया जा रहा है। आपको बता दें कि जेल से उन्हीं कैदियों की रिहाई हो पाती है जिनका जेल में आचरण अच्छा हो।

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