अरुणाचल प्रदेशः सीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले शख्स पर लगा देशद्रोह

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक तेगम ईटानगर के रहने वाले हैं। वह अरुणाचल प्रदेश जस्टिस फोरम के चेयरमैन हैं। बीते मार्च माह में उन्होंने बीजेपी के चीफ मिनिस्टर पेमा खांडू के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी।

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अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू। (फोटोः एजेंसी)

अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू के खिलाफ करप्शन केस को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाना एक शख्स को काफी भारी पड़ा। सूबे की पुलिस ने उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कर उन पर अपना शिकंजा कस दिया। नबाम तेगम समेत तीन लोगों को दिल्ली से बीती 20 जुलाई को अरेस्ट किया गया था। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के साथ अरुणाचल पुलिस भी शामिल रही। दो लोगों पर पुलिस ने देशद्रोह का केस दर्ज किया। तीसरे साथी पर आईटी एक्ट से तहत कार्रवाई की।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक तेगम ईटानगर के रहने वाले हैं। वह अरुणाचल प्रदेश जस्टिस फोरम के चेयरमैन हैं। बीते मार्च माह में उन्होंने बीजेपी के चीफ मिनिस्टर पेमा खांडू के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी। 19 अप्रैल को जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई शुरू की थी।

तेगम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन माह के भीतर उन्हें और एक साथी यामरा ताया समेत तीन लोगों को अरेस्ट किया गया। दोनों के ऊपर देशद्रोह का चार्ज लगाया गया। उनके तीसरे साथी किपा रोनियांग पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। तेगम का कहना है कि 20 जुलाई को सुबह तकरीबन 11 बजे तीनों को दिल्ली के एक इलाके से अरेस्ट किया गया था।

तीनों को दो दिनों तक दिल्ली में रखा गया। उसके बाद उन्हें साकेत कोर्ट के फैसले के बाद ट्रांजिट रिमांड पर ईटानगर ले जाया गया। तेगम का कहना है कि मामले का मुख्य आरोपी किपा रोनियांग उनसे दिल्ली में मिला था। उसने उनके साथ रहने की अनुमति मांगी थी। वह अरुणाचल से था। इस वजह से तेगम और उनका साथी तैयार हो गए। किपा ने उनसे कहा था कि उसकी बेटी को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए फोन की जरूरत है।

तेगम के मुताबिक उनके तीसरे साथी ने फोन का जुगाड़ किया जबकि उन्होंने सिम अरेंज किया। इसी फोन से सीएम पेमा खांडू की निर्वस्त्र तस्वीरें बनाकर सर्कुलेट की गई थीं। किपा ने पुलिस से कहा कि तेगम और उनका तीसरा साथी इस अपराध में बराबर का हिस्सेदार है। तेगम का कहना है कि ये बात बिलकुल झूठी थी।

किपा बीजेपी की कल्चरल विंग का संयोजक था। लेकिन कुछ अर्सा पहले उसे पार्टी से निकाल दिया गया था। वह इसके लिए सीएम सीधे तौर पर जिम्मेदार मानता था। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के कुछ लोगों ने तेगम के आरोपों की पुष्टि की है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजु के साथ भी किपा ने कुछ अर्से तक काम किया था।

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