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खुलासा: ‘ससुराल के मच्छर से हुआ था डेंगू’, यह सोच फौजी दामाद ने पत्नी, और साली को भून डाला

विष्णु के रिश्तेदार के मुताबिक घटना के वक्त उसका बड़ा बेटा आगे की सीट पर बैठा था। पीछे की बायीं सीट पर उसकी साली, बीच में दामिनी और दाईं तरफ विष्णु बैठा था।

crime, crime news, murderप्रतीकात्मक तस्वीर।

बिहार (Bihar) में अरवल के पास बीते रविवार (01-12-2011) को एक फौजी ने अपनी पत्नी और साली को गोलियों से भून खुद को भी गोली मार ली। इस रक्तरंजित घटना के बाद यहां सभी लोग अचरज में हैं। अब इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे एक के बाद एक हो रहे हैं।

‘डेंगू’ को लेकर हुए विवाद पर चली गोली: पत्नी और साली को गोलियों से छलनी करने वाला फौजी विष्णु शर्मा डेंगू से पीड़िता था और उसकी सोच थी कि ससुराल में ज्यादा दिन रहने और यहीं पर डेंगू के मच्छर के काटने से उसे डेंगू हुआ था। जिस कार में यह ट्रिपल मर्डर हुआ उस कार को घटना से पहले ड्राइव कर रहे विष्णु के रिश्तेदार मिथिलेश ठाकुर ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत करते हुए यह बात कही। आरोपी फौजी के रिश्तेदार के मुताबिक 22 नवंबर को वो अपनी साली की शादी में शामिल होने के लिए ससुराल पहुंचा था। ससुराल में उसे डेंगू हो गया। विष्णु को ऐसा लगता था कि ससुराल में ज्यादा दिन तक रहने की वजह से ही उसे डेंगू हुआ है और इस बात पर उसका अपनी पत्नी से विवाद में हुआ था।

अपना इलाज कराने के लिए विष्णु अपनी गाड़ी से पत्नी, दोनों बच्चों और साली के साथ घटना के दिन एम्स आ रहा था। लेकिन अरवल से आगे बढ़ते ही डेंगू को लेकर एक बार फिर पति-पत्नी के बीच बकझक शुरू हो गई। विष्णु ने जब कहा कि ससुराल में रहने की वजह से ही डेंगू का शिकार हो गया है तब गाड़ी में बैठी उसकी पत्नी और साली ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसी विवाद में अचानक फौजी विष्णु ने अपनी पिस्टल निकाल कर उन दोनों को गोली मार दी।

दोनों बच्चों को भी मार डालता: विष्णु के रिश्तेदार के मुताबिक घटना के वक्त उसका बड़ा बेटा आगे की सीट पर बैठा था। पीछे की बायीं सीट पर उसकी साली, बीच में दामिनी और दाईं तरफ विष्णु बैठा था। विष्णु की गोद में उसका छोटा बेटा भी थी। जब मिथिलेश कुमार ने विष्णु का विरोध किया तो उसने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी। किसी तरह वो विष्णु के बड़े बेटे को लेकर गाड़ी से बाहर निकलने में कामयाब हो गए।

उन्होंने शोर मचाया तो वहां कुछ लोग जुट गए और उन्होंने विष्णु के छोटे बेटे को उसकी गोद से हटाया। हालांकि इस बीच विष्णु ने खुद को गोली मार ली। डेंगू से डिप्रेशन में गए विष्णु की पिस्टल में गोली फंस गई थी…वरना वो अपने दोनों बेटे और कार चला रहे रिश्तेदार को भी मारने की फिराक में था। डेंगू से डिप्रेशन में गए विष्णु पर जैसे हत्या का जुनून सवार था। उसने गाड़ी के अंदर 5 फायरिंग की। उसके बंदूक की एक गोली कार के शीशे पर भी लगी।

4 बार जा चुका है जेल: आरा के आयर थाने के लालगंज का रहने वाला विष्णु अपनी 6 बहनों में अकेला भाई था। साल 2009 में वो 7 बिहार बटालियन में बहाल हुआ था और उसकी पोस्टिंग रांची और श्रीनगर जैसे जगहों पर भी वो चुकी है। अभी वो भुज में पदस्थापित था। उसके पिता भी सेना में ही पदस्थापित थे। पुलिस के साथ मारपीट, दानापुर डीएसपी पर हमला और रांची पुलिस के साथ मारपीट समेत 4 मामलों में वो जेल भी जा चुका है।

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