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200 से ज्यादा वेश्याओं का कत्ल कर लाश से बनाता था शारीरिक संबंध, चाकू से वार कर निकालता था अंदरूनी अंग

यह ऐसा बेरहम कातिल था जो महिलाओं की हत्या करने के बाद उनकी लाश के साथ शारीरिक संबंध बनाता था। इस सीरियल किलर की हैवानियत यहां खत्म नहीं होती थी वह हत्या के बाद उनके प्राइवेट प्रार्ट पर चाकू से वार करता था और...
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

 

इतिहास में ऐसी कई सीरियल किलिंग की घटनाएं हुई हैं जिनके बारे में जानकर आज भी लोग सिहर जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही सीरियल किलर के बारे में बता रहे हैं जिसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन के कुख्यात सीरियल किलर जैक द रिपर की। रिपर एक ऐसा सीरियल किलर था जिसने करीब 200 से ज्यादा महिलाओं का अपना शिकार बनाया था। इस सीरियल किलर की हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह महिलाओं को मारकर उनके शव के साथ भी शारीरिक संबंध बनाता था।

आज से करीब 128 साल पहले इंग्लैंड में जैक द रिपर का खौफ कायम था। वह एक बेहद खौफनाक हत्यारा था, जो नशे में धुत्त वेश्याओं को ही अपना शिकार बनाता था। इस सीरियल किलर ने 31 अगस्त, 1988 को मेरी एन निकोलस नाम की एक महिला का पहला शिकार किया था। बताया जाता है कि इस सीरियल किलर का शिकार होने वाली सभी महिलाएं पेशे से वेश्या होती थीं।

‘डेली मेल डॉट कॉम’ की रिपोर्ट् के अनुसार जैक द रिपर हत्यारे का असली नाम डॉक्टर एच एच होम्स था। जो साल 1886 में शिकागो आया था। यहां आने के बाद इस सीरियल किलर ने रात के अंधेरे में 200 से ज्यादा वेश्याओं को शिकार बनाया था।

यह ऐसा बेरहम कातिल था जो महिलाओं की हत्या करने के बाद उनकी लाश के साथ शारीरिक संबंध बनाता था। इस सीरियल किलर की हैवानियत यहां खत्म नहीं होती थी वह मर्डर करने के बाद उनके प्राइवेट प्रार्ट पर चाकू से वार करता था और शव के शरीर से अंदरूनी अंग निकाल लेता था। आखिर में शव को एसिड से जला देता था। कहा जाता है कि उस वक्त जैक द रिपर का खौफ इतना बढ़ गया था कि इंग्लैंड के व्हाइट चैपल शहर में महिलाओं को रात में निकलने नहीं दिया जाता था।

रिपोर्ट के मुताबिक आज भी इस सीरियल किलर के बारे में पक्के सबूत नहीं है। लेकिन हाल में खुद को जासूस बताने वाले किताब के लेखक रसेल एडवर्ड्स ने जैक द रिपर की कुछ जानकारी हासिल करने का दावा किया है। लेखक रसेल एडवर्ड्स का कहना है कि उन्होंने इस सीरियल किलर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए 14 साल लगाए हैं। लेखक ने डीएनए सबूतों के आधार पर हत्यारे को 23 साल के ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश किया है जो पोलैंड से प्रवासी के तौर पर इंग्लैंड आया था।

एडवर्ड्स ने ब्रिटिश मेल में लिखा है कि मुझे केस के इतिहास का सिर्फ एक ही फोरेंसिक सबूत मिला है। मैंने 14 साल इस पर काम करके बिताए हैं और हमें विश्वास है कि हमने जैक द रिपर का रहस्य खोल दिया है।

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