अपनों ने ही बाइडन को ‘झुठलाया’, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- अलकायद हुआ खत्म, एंटोनी ब्लिंकन ने कहा- यह सच नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का अलकायदा खत्म के दावे अब सवालों में घिर रहे हैं। पेंटागन के बाद अब विदेश मंत्री ब्लिंकन ने भी अलकायदा की मौजूदगी को स्वीकार किया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने किया अलकायदा के खत्म होने का दावा (फोटो- पीटीआई)

अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने और तालिबान के कब्जे को लेकर लगातार वैश्विक स्तर पर बाइडेन प्रशासन की आलोचना हो रही है। अमेरिकी प्रशासन कई तर्कों के साथ अपना बचाव कर रहा है, हालांकि उसका सबसे बड़ा तर्क कि ‘अलकायदा खत्म हो चुका है’ को उसके अपने ही झुठला दे रहे हैं।

अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने के फैसलों का बचाव करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका का उद्देश्य सफल रहा और अलकायद खत्म हो चुका है। इसलिए अमेरिकी सेना को आफगानिस्तान से वापस बुला लिया गया है।

जो बाइडेन के अलकायदा खत्म के दावों से खुद उनके विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ही सहमत नहीं दिखे। राष्ट्रपति बिडेन ने शुक्रवार को दावा किया कि अल कायदा अफगानिस्तान से “चला गया” है, लेकिन “फॉक्स न्यूज संडे” के एक साक्षात्कार में विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने स्वीकार किया कि यह सच नहीं है।

बाइडेन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखने की जरूरत है। “अल कायदा के चले जाने के बाद, इस समय अफगानिस्तान में हमारी क्या दिलचस्पी है? उन्होंने कहा, “हम अल कायदा से छुटकारा पाने के साथ-साथ ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के उद्देश्य से अफगानिस्तान गए थे, और हमने किया।”

बाइडेन के इसी दावे को लेकर जब विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- “जैसा कि हम सभी जानते हैं, हम 20 साल पहले एक मिशन और एक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अफगानिस्तान गए थे, और वह था उन लोगों से निपटना जिन्होंने 9/11 को हम पर हमला किया था, बिन लादेन को पकड़ना, जो हमने एक दशक पहले किया था। अल कायदा की फिर से हम पर हमला कम करने की क्षमता को कम करने के लिए हमने अफगानिस्तान पर हमला किया था, और इस हिसाब से राष्ट्रपति सही हैं”।

जब ब्लिकंन से फिर से पूछा गया कि क्या अल कायदा अफगानिस्तान से चला गया है। ब्लिंकन ने जवाब दिया कि अल कायदा की 9/11-शैली के एक और हमले को अंजाम देने की क्षमता “काफी हद तक कम हो गई है। इसके बाद जब तीसरी बार उनसे पूछा गया कि अल कायदा खत्म हो चुका है, तब ब्लिंकन ने कहा कि नहीं।

“क्या अफगानिस्तान में अल कायदा के सदस्य और संगठन हैं? हां,” ब्लिंकन ने कहा। “लेकिन राष्ट्रपति जिस बात का जिक्र कर रहे थे, वह 9/11 को उसने जो किया वह करने की उसकी क्षमता थी और वह क्षमता बहुत सफलतापूर्वक कम हो गई है।”

इससे पहले पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा कि अल कायदा की मौजूदगी इतनी महत्वपूर्ण नहीं है कि अमेरिका के लिए खतरा बन सके, जो 20 साल पहले हुआ करता था। जॉन किर्बी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “हम जानते हैं कि अल कायदा अफगानिस्तान में आईएसआईएस के साथ-साथ मौजूद है।

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान सरकार को हटाने और बल द्वारा सत्ता पर नियंत्रण करने के बाद से अल कायदा की उपस्थिति के मुद्दे को प्रमुखता मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान के अधिग्रहण के मद्देनजर अफगानिस्तान में अल कायदा जैसे आतंकवादी समूह से खतरे के बारे में चिंता जताते हुए कहा कि सुरक्षा स्थिति नाजुक बनी हुई है।

हालांकि, दोहा में हस्ताक्षरित यूएस-तालिबान समझौते के अनुसार, तालिबान ने अल कायदा से संबंध तोड़ने का वादा किया था। अलकायदा के अफगानिस्तान में बने रहने और पनपने से भारत को भी खतरा है। यही कारण है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएनएससी की मीटिंग में दुनिया को इस खतरे के प्रति आगाह कर चुके हैं।

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