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तकिए से मुंह दबाकर की पत्नी की हत्या, जज ने रिहा करते हुए कहा- प्यार में किया

स्कॉटलैंड के आयरशायर में रहने वाले 67 वर्षीय इयान गॉर्डन को अपनी पत्नी की हत्या के बाद पिछले साल अक्टूबर में जेल भेजा गया था। गॉर्डन ने 63 वर्षीय पत्नी पेट्रीसिया का मुंह तकिए से दबाकर दी थी। दरअसल गॉर्डन की पत्नी पेट्रीसिया पिछले 46 साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रही थी।

Author January 27, 2018 9:43 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

स्कॉटलैंड के आयरशायर में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को रिहा करने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां पत्नी की हत्या करने वाले पति को जज ने माफी देते हुए रिहा कर दिया है। जज ने इस घटना को एक्ट ऑफ लव बताया है। इससे पहले आरोप पति को अक्टूबर में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। आरोपी पति को करीब एक साल और 4 महीने जेल की सजा काटने के बाद रिहा किया गया है। आरोपी ने सजा मिलने के बाद रिहाई की मांग की थी।

स्कॉटलैंड के आयरशायर में रहने वाले 67 वर्षीय इयान गॉर्डन को अपनी पत्नी की हत्या के बाद पिछले साल अक्टूबर में जेल भेजा गया था। गॉर्डन ने 63 वर्षीय पत्नी पेट्रीसिया का मुंह तकिए से दबाकर दी थी। दरअसल गॉर्डन की पत्नी पेट्रीसिया पिछले 46 साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गॉर्डन पत्नी को इस तरह दर्द में धीरे-धीरे मरते हुए नहीं देखना चाहते था। इसलिए उसे पत्नी को मारने का मुश्किल कदम उठाना पड़ा। उसने कैंसर की वजह से स्कॉटलैंड के ट्रून में स्थित घर में 28 अप्रैल साल 2016 को अपनी पत्नी को मार दिया।

दंपित के बेटी ने बताया कि इस घटना के बाद गॉर्डन खुद डिप्रेशन और दर्द रहने लगा था। यहां तक कि कोई भी पेनकिलर्स उसके दर्द को कम नहीं कर सकती थी। वहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूरे मामले को गहराई से समझते हुए पाया कि पेट्रीसिया खुद भी हेल्थ प्रोब्लम्स और अस्पताल के डर को झेलना नहीं चाहती थी। इसके साथ ही डिफेंस काउंसिल गॉर्डन जैक्सन ने कोर्ट को बताया कि पेट्रीसिया की मौत और गॉर्डन का जेल जाना उनके लिए काफी मुश्किल वक्त था। उनके लिए यह किसी दोहरी मार की तरह था। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि गॉर्डन को जेल में क्यों रहना चाहिए था।

इस केस को असाधारण बताते हुए लॉर्ड ब्रोडी ने लॉर्ड टर्नबुल के साथ बैठे जज ने पुराने फैसले को उलट कर दिया और गॉर्डन की बाकी की सजा खारिज करते हुए उसे रिहाई दे दी। जज लॉर्ड ब्रोडी ने इस के बारे में विचार करते हुए कहा कि ‘मानव जीवन को समझना वाकई में काफी गंभीरता का मामला है।’ जज ने इस केस के बारे कहा कि अथॉरिटी और गॉर्डन का परिवार यह मानता है कि गॉर्डन प्यार की वजह से अपनी पत्नी को मारने के लिए तैयार हुआ था। उसने अपनी पत्नी के साथ करीब 43 साल बिताए हैं इसलिए यह फैसला लेना उसके लिए काफी मुश्किल रहा होगा।

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