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71 साल की इस लेडी सीरियल किलर ने सात पतियों को मारकर ऐंठ लिए थे 78 करोड़ रुपए

हत्याओं को अंजाम देने के लिए चिसाको काकेही अपने पार्टनर्स को ड्रिंक्स में या दवाइयों के साथ सायनाइड मिलाकर देती थी।

जापान की एक अदालत ने काकेही को बीते महीने तीन लोगों की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी।

दुनिया के एक से एक सीरियल किलर्स में कई महिलाएं भी हैं। वे अपनी शातिर इरादों और सनक के कारण कुख्यात हैं। जापान की चिसाको काकेही का नाम भी ऐसी ही लेडी सीरियल किलर्स की सूची में शुमार है। 71 साल की उम्र में उसके कम से कम 14 मर्दों से शारीरिक संबंध थे, जिसमें से कुछ को उसने मौत के घाट उतार दिया था। हत्या की घटनाओं को अंजाम देने के लिए वह साइनाइड तक का इस्तेमाल करती थी। तीन लोगों की हत्या के दोषी पाए जाने पर उसे बीते महीने वहां की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। तीनों मृतकों में से एक उसका पति भी था। काकेही पार्टनर से संबंध बनाने के बाद उनकी हत्या कर देती थी। जापानी मीडिया में उसकी इन्हीं हरकतों के चलते उसे ‘ब्लैक विडो’ करार दिया गया था। थोड़े समय बाद जब उसके पार्टनर्स की हत्याओं के मामले उजागर हुए तो उसे फीमेल स्पाइडर बुलाया जाने लगा। लेडी सीरियल किलर का मकसद लोगों के बीमे के पैसे ऐंठना होता था, इसलिए वह संबंध बनाने के बाद उनकी हत्या कर देती थी। डेटिंग एजेंसियों के जरिए वह खासकर उन अमीर लोगों को निशाना बनाती थी, जो बूढ़े और बीमार होते थे।

हत्याओं को अंजाम देने के लिए वह अपने पार्टनर्स को ड्रिंक्स में या दवाइयों के साथ साइनाइड मिलाकर देती थी। कहा जाता है कि उसने एक गमले में साइनाइड छुपा कर रखा था, जो बाद में उसे फेंकना पड़ा था। लेडी सीरियल किलर का जन्म 28 नवंबर 1946 को जापान में फूकुओका के कीताक्यूशू शहर में हुआ था। वह मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी। पढ़ाई में अच्छी थी। मगर पिता शादी कराना चाहते थे। लिहाजा वह आगे न पढ़ सकी। माना जाता है कि उसने सबसे पहले पति को जहर देकर मार दिया था, जिससे 1969 में शादी हुई थी। लेडी सीरियल किलर की फैब्रिक पेंटिंग कंपनी भी थी, जिसमें साइनाइड का इस्तेमाल होता था।

1994 में पहले पति की 54 साल की उम्र में मौत हुई, जिसके बाद डेटिंग एजेंसी की मदद से उसने 2006 में दोबारा शादी की। दूसरा पति 69 साल की उम्र में स्ट्रोक के कारण दुनिया को अलविदा कह गया। 2008 में लेडी सीरियल किलर की तीसरी बार शादी हुई। पति कृषि सहयोगी आंत्रप्रेन्योर था, जिसकी मौत 75 साल की उम्र में शादी के तीन महीने बाद दिल का दौरा पड़ने से हुई। हालांकि, कोर्ट में ये मौतें हत्याओं के रूप में नहीं साबित हुईं। लेकिन बाद की घटनाओं के आधार पर इन पर शक किया जाता है। फिर 2007 में वह तोशियाकी सुएहिरो के साथ रही। एक दिन अचानक 79 साल का वह शख्स सड़क पर बेहोश हो गया और 2009 तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रहा। बाद में कैंसर से उसकी मौत हो गई। मगर उसके खून के सैंपल में साइनाइड के निशान मिले थे।

2011 में काकेही 71 साल के मासानोरी हॉन्डा से मिलीं, जिसकी छह महीने बाद अर्रेथीमिया से मौत हो गई। 2013 में फिर सवाल उठे कि उसने अपने 75 साल के अगले पति को जहर देकर मार दिया। क्योटो में घर के पास दिसंबर 2013 में उसके पति की लाश मिली थी, जिसके बाद 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया। काकेही ने तब कबूला था कि उसने पति की हत्या इसलिए की, क्योंकि उसने बाकी महिलाओं को पैसे दिए, लेकिन उसे एक भी फूटी कौड़ी नहीं दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, काकेही ने अपने मरे हुए पतियों और प्रेमियों के बीमा की रकम से तकरीबन 77 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपए जुटाए थे। लेकिन वह अपने खर्चों, गलत निवेश और व्यवस्थित आर्थिक योजना न होने के कारण अधिक रुपए बचा नहीं पाई थी।

काकेही जिस तरीके से पतियों और प्रेमियों की हत्या करती थी, उसे देखते हुए उसे फीमेल स्पाइडर कहा जाने लगा था। (फोटोः यूट्यूब)

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