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नाबालिगों ने 36 साल जेल में गुजार दिये, अदालत ने रिहा कर कहा – वो निर्दोष थें

36 साल के बाद प्रॉसिक्यूटर ने ऐलान किया कि इन तीनों को गलती से सजा दे दी गई थी यानी उस नाबालिग स्कूली छात्र की हत्या के असली दोषी यह तीनों नहीं हैं।

crime, crime news, jail50 साल की उम्र में इन्हें रिहा किया गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर।

जब यह तीनों नाबालिग थे तब अदालत ने उन्हें एक हत्या का दोषी मानते हुए जेल की सजा सुनाई थी। इन तीनों ने अपराधी की तरह जेल में 36 साल गुजार दिये लेकिन अब अचानक इन तीनों को जेल से रिहा कर दिया गया है और अदालत ने माना है कि जिस जुर्म की सजा इन्होंने काटी दरअसल वो गुनाह इन्होंने किया ही नहीं यानी यह तीनों बेगुनाह हैं।

वर्ष 1983 में इन तीनों लड़कों पर आरोप लगा था कि इन्होंने 14 साल के एक लड़को को इसलिए मार दिया क्योंकि यह सब उनका जैकेट लेना चाहते थे। उस वक्त कहा गया था कि अमेरिका के Baltimore में लड़के की हत्या उस वक्त की गई थी जब वो स्कूल में लंच टाइम के वक्त बाहर निकला था। ज्यूरी ने उस वक्त इस मामले की बहुत जल्दी सुनवाई करते हुए इन्हें ताउम्र जेल में भेज दिया था।

36 साल के बाद प्रॉसिक्यूटर ने ऐलान किया कि इन तीनों को गलती से सजा दे दी गई थी यानी उस नाबालिग स्कूली छात्र की हत्या के असली दोषी यह तीनों नहीं हैं। 50 साल के हो चुके यह तीनों शख्स बीते सोमवार (25-11-2019) को जेल से बाहर आ गए। इन्होंने अपनी पूरी युवा अवस्था जेल में ही गुजार दी है। इन तीनों लड़कों का नाम Alfred Chestnut, Ransom Watkins और Andrew Stewart है। इन सभी ने 36 साल तक लड़ाई लड़ी और इस दौरान कभी भी इन्होंने इस हत्या में अपनी संलिप्ता को कबूल नहीं किया।

Alfred Chestnut ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि ‘मैं हमेशा से इसका सपना देखा करता था…जेल में मेरे जितने भी दोस्त बने वो सभी जानते हैं कि मैं हमेशा इसी के सपने देखता था…यहां तक कि जब मैं नाबालिग था तब भी…मैं यह सोचता था कि यह मेरे साथ क्यों हो रहा है।?’

Baltimore prosecutor कार्यालय ने अपनी जांच में यह पाया है कि स्कूली छात्र को गोली मारने के मामले की जांच में काफी कमियां थीं। नए खुलासे से पता चला है कि junior high school के छात्र DeWitt Duckett की हत्या किसी और छात्र ने की थी। अब हत्या करने वाले छात्र की भी मौत हो चुकी है।

Baltimore circuit court के जज Charles Peters ने राज्य अटॉर्नी के आग्रह को स्वीकार कर लिया है तीनों लड़कों को रिहा करने का आदेश दिया। स्टेट अटॉर्नी Marilyn Mosby ने कहा कि ‘यह तीनों लोग 36 साल तक दुनिया से दूर रहे…यह दिल टूटने जैसा है।’ (और…CRIME NEWS)

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