ताज़ा खबर
 

समांतर

असम की गद्दी

राजीव कुमार असम में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होंगे। पिछले साल केंद्र की सत्ता में भारी बहुमत से आने के बाद भाजपा...

स्त्रीत्व का पक्ष

नीलिमा चौहान जब भी स्त्री को अतिरिक्त सम्मान देने के पारंपरिक उत्सव मनाए जाते हैं तो न चाहते हुए भी मेरा ध्यान उन उत्सवों,...

सिकुड़ता संसार

अंशुमाली रस्तोगी महीने दो महीने के अंतराल पर अपने मोबाइल में से ‘वाट्सऐप’ और ‘मैसेंजर ऐप’ को हटा देता हूं। इन्हें हटाते हुए ‘निर्णय’...

आदमी और पुतला

ब्रजेश कानूनगो आदमी और पुतले में कुछ बुनियादी फर्क होते हैं। मसलन, आदमी हाड़-मांस का बना होता है और आदमी ही उसे जन्म देता...

चश्मे की फिक्र

अशोक उपाध्याय सन 2010 में सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ आई थी। इस फिल्म में नायक सलमान खान पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में थे।...

न्याय की पहुंच

रचना पाटीदार महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में उन्हें न्याय नहीं मिल पाता, इस बात को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्वीकार...

नीति का पाखंड

आतिफ़ रब्बानी अर्थनीति से संबंधित किस्सों-कहानियों में यह मशहूर है कि एक बार मार्गरेट थैचर ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों और सहयोगियों को मिल्टन...

प्रकृति के साथ

संदीप ‘विहान’ जब मनुष्य ने अपने आधुनिक होने के चलते लगातार इस प्रकृति को बदला है, तो प्रकृति में बदलाव पर मनुष्य को आश्चर्य...

आजादी की कीमत

कृति श्री भारत में सत्तर के दशक का दलित पैंथर आंदोलन अमेरिका के ब्लैक पैंथर आंदोलन और मैल्कम एक्स के विचारों से प्रभावित रहा।...

कौन देगा हिसाब

वसीम अकरम त्यागी यहां कोई घटना नहीं, घटनाओं के सिलसिले हैं। जनवरी 2008 में कर्नाटक के हुबली में आतंकवादियों ने बम धमाका किया। इस...

स्त्री का पक्ष

ज्योति सिडाना भारतीय समाज, खासकर हिंदू समाज के सामने एक सांस्कृतिक-वैधानिक अंतर्विरोध वैवाहिक संबंधों के क्षेत्र में उभरा है। अफसोस इस बात का है...

अपनों का विरोध

वीरेंद्र जैन सत्ता के रिसने से प्यास बुझाने की तमन्ना रखने वाले समर्थकों के विपरीत जब किसी दल के विचारवान लोगों की आवाज उभरती...

भ्रमित सामूहिक जीवन

विकेश कुमार बडोला जीवन में कई बातें हैं, बहुत से कार्य और व्यवहार हैं। पृथ्वी और इसके जैविक चाल-चलन अपने अद्यतन रूप में आने...

आग और फूल

कृष्ण कुमार मिश्र अग्नि के आविष्कार ने जब आदिमानव की जीवन शैली को अचानक बदला तो कोई नहीं जानता था कि प्रकृति में संघर्ष...

मनसुख की बात

देवेंद्र सिंह सिसौदिया मनसुख कभी अनियमित बरसात तो कभी अतिवृष्टि से त्रस्त था। कोई उससे उसके मन की बात जानना नहीं चाहता है। उसके...

रिश्ते के बहाने

राजेंद्र बंधु दिल्ली उच्च न्यायालय के हाल ही एक फैसले के मुताबिक पति द्वारा पत्नी की मर्जी के विरुद्ध उससे यौन संबंध बनाना बलात्कार...

मजदूर के विरुद्ध

जावेद अनीस सत्ता में आते ही ‘अच्छे दिन’ के नारे वाली यह सरकार श्रम कानूनों में बदलाव को जोर-शोर से आगे बढ़ाने में लग...

गुमनाम किसान

नीरज प्रियदर्शी अब तक बहसों और परिचर्चाओं में अक्सर सुना करता था कि बिहार के किसान अंदर से बहुत मजबूत होते हैं। उनके पास...