चौपाल: भूख से जंग

दुनियाभर में भूख को मिटाने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले सबसे बड़े संगठन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम यानी विश्व खाद्य कार्यक्रम को इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है।

इटली की राजधानी रोम स्थित विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) का मुख्यालय।

दुनियाभर में भूख को मिटाने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले सबसे बड़े संगठन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम यानी विश्व खाद्य कार्यक्रम को इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। सन 2019 में अठासी देशों के करीब दस करोड़ लोगों तक इसकी ओर से सहायता पहुंची थी। आज कोरोना महामारी के इस दौर में इस संगठन का महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।

यह संगठन सन 1961 से ही दुनियाभर में भूख के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है। यह संगठन सुनिश्चित करता है कि खाद्य सुरक्षा के जरिए सभी देशों की गरीब आबादी को बुनियादी ताकत दी जा सके।

गौरतलब है कि भूख की वजह से दुनिया भर में इस साल जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में इसने अपना बेहतरीन प्रयास जारी रखा है।

वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत का स्थान साल 2014 में पूरे विश्व में पचपनवां था, लेकिन उसके बाद रैंकिंग धीरे-धीरे गिरते हुए 2018 में 103वें स्थान पर आ गया था। अब कोरोना काल में वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत की स्थिति का अंदाजा और भी आसानी से लगाया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में विश्व खाद्य कार्यक्रम और इसके जैसे अन्य जरूरी संगठनों का मानवता सदा आभारी रहेगा।
’रूपेश गुप्ता, इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उप्र

पढें चौपाल समाचार (Chopal News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।