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चौपालः बदले तस्वीर

रेलगाड़ियों में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी से महिलाएं खुद को ज्यादा सुरक्षित तो महसूस करेंगी ही, इससे बड़े पैमाने पर लड़कियों के लिए रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे।

Author August 23, 2018 5:31 AM
आज महिलाएं हवाई जहाज उड़ाने से लेकर सीमा की सुरक्षा का जिम्मा बखूबी निभा रही हैं।

बदले तस्वीर

रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे सुरक्षा बल की आगामी भर्ती में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला स्वागतयोग्य है। रेलगाड़ियों में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी से महिलाएं खुद को ज्यादा सुरक्षित तो महसूस करेंगी ही, इससे बड़े पैमाने पर लड़कियों के लिए रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे। अक्सर देखा गया है कि हमारे समाज में लोग अपनी बेटियों को सुरक्षा से जुड़े कामों, जैसे पुलिस या फिर सेना में जाने से रोकते हैं। इससे लड़कियां खुद को कमजोर महसूस करती हैं। एक तरफ हमारा समाज लड़कियों के लिए बराबरी बात करता है तो दूसरी ओर उन्हें बहुत सारे काम करने से रोका जाता रहा है, जिन्हें वे करना चाहती हैं।

आज महिलाएं हवाई जहाज उड़ाने से लेकर सीमा की सुरक्षा का जिम्मा बखूबी निभा रही हैं। हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया की तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है मगर दुर्भाग्यवश आज भी देश के विकास में महिलाओं का योगदान बेहद कम है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां रोजगार हासिल करें मगर उसके लिए उन्हें सुरक्षित माहौल भी मुहैया करना पड़ेगा ताकि वे निर्भीक होकर अपने काम कर सकें। आज भी हमारा समाज पुरुषप्रधान कहलाना पसंद करता है जिसे बदलने की सख्त आवश्यकता है। रूढ़िवादी सोच के कारण लड़कियां पिंजड़े में कैद पंछियोंं की तरह मनचाहा काम करने की हालत में नहीं दिखती हैं। जरूरत है कि यह तस्वीर हमारे समाज के अंदर से जल्द से जल्द बदले ताकि महिलाओं के योगदान से देश की तरक्की की रेलगाड़ी तेजी से आगे बढ़ सके।

पीयूष कुमार, नई दिल्ली

बांध और बाढ़

देश के अनेक भागों में भाखड़ा नांगल बांध से लेकर टिहरी बांध तक सैकड़ों छोटे-बड़े बांध हैं जिनसे बिजली उत्पादन और सिंचाई में सहायता मिल रही है। लेकिन इनके जल स्तर पर कड़ाई से नियंत्रण न होने के कारण ये अनेक बार अभिशाप भी बने हैं। ताजा मामला केरल के बांधों का है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज का पानी छोड़े जाने से कुछ दिन पहले दिल्ली में संकट आते-आते बचा। जब बांधों में पानी बढ़ना शुरू होता है तो उसी समय उनसे पानी न छोड़कर तब छोड़ना शुरू किया जाता है जब बांध पूरी तरह भर जाते हैं। तब पानी को रोकना असंभव ही होता है और परिणाम होता है बाढ़। इसके मद्देनजर बांधों में पानी जमा करने से लेकर उसे छोड़ने के विषय में नए नियम बनाए जाने चाहिए।

यश वीर आर्य, देहरादून

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