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अंतरिक्ष में हासिल

भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस कामयाबी का मकसद हथियारों की होड़ में शामिल होना नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष का उपयोग मानव जाति की भलाई के लिए है। यह हमारी अंतरिक्ष नीति का हिस्सा है।

इससे भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में ताकत और बढ़ गई है।

कहते हैं कि उपलब्धि जब हासिल होती है तो उसकी ऊंचाई नहीं, उसके परिश्रम के पीछे की गहराई को देखा जाना चाहिए। भारत ने अँतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने वाले हथियार का सफल परीक्षण करके यह साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है, बल्कि अंतरिक्ष उसके लिए एक ऐसा क्षेत्र है जहां उसके लिए अब कोई चुनौती बाकी नहीं है। यह उपलब्धि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खास है। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत बहुत आगे निकल चुका है। उदाहरण के तौर पर पांच नवंबर 2013 का दिन हमेशा याद रहेगा जब भारत मंगल ग्रह की कक्षा में अपना पहला उपग्रह भेजने में सफल रहा था। उस समय भारत विश्व का पहला राष्ट्र बना था जो अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुंचा था। इसी तरह से एक साथ एक सौ चार उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर इतिहास रचा था।

भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस कामयाबी का मकसद हथियारों की होड़ में शामिल होना नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष का उपयोग मानव जाति की भलाई के लिए है। यह हमारी अंतरिक्ष नीति का हिस्सा है। भारत ने उपग्रह ध्वस्त करने की जो हथियार विकसित किया है, वह किसी अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन भी नहीं करता है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब आम चुनाव होने को हैं। इसलिए इसे चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वास्तव में वैज्ञानिक आविष्कार कोशिशों का प्रतिफल होता है। इसे चुनाव से जोड़ कर देखना अपना स्वार्थ सिद्ध करने के समान होगा।
’दुर्गेश शर्मा, गोरखपुर

दांव पर भोजपुरी संस्कृति
भोजपुरी विश्व भर में अट्ठाईस करोड़ से भी अधिक लोगों द्वारा प्रयोग में लाई जाती है। भारत, नेपाल, मॉरिशस, फीजी, गुयाना, त्रिनिदाद-टोबैगो और हॉलैंड सहित भोजपुरी बोलने और समझने वाले लोग पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। फीजी, मॉरिशस, त्रिनिदाद और गुयाना जैसे देशों में तो इसे राष्ट्र भाषा का दर्जा हासिल है। लेकिन गहरी चिंता भोजपुरी सभ्यता में भोजपुरी गानों द्वारा निरंतर प्रतिकूल प्रभाव डालने को लेकर है। इतने अश्लील, फूहड़ और लि-अर्थी गाने शायद ही किसी भाषा में गाए जाते होंगे। भोजपुरी में बहुत अच्छी फिल्में भी बनती रहीं हैं। सरकार से गुजारिश है कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सेंसर बोर्ड का गठन हो और स्त्री, जाति और धर्म विशेष पर अश्लील गाने या लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
संतोष कुमार, बठिंडा

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