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असुरक्षित महिलाएं

देश में दुराचार की घटनाएं आए दिन अखबारों और चैनलों की सुर्खियां बनती हैं। वहीं पिछले कुछ दिनों से बेहद शर्मनाक वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें आपराधिक तत्व महिलाओं को पीटते हुए दिखाई देते हैं।

Author July 8, 2019 2:27 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

देश में महिलाओं की सुरक्षा के कई कानून बनाए जा चुके हैं। यहां तक कि अगर महिला किसी मामले में आरोपी भी हो तो भी उससे विशेष अधिकार दिए गए हैं, ताकि कानून के नाम पर महिलाओं का शोषण न हो। लेकिन इन कानूनों की जमीनी हकीकत किसी से छुपी नहीं है। आए दिन हम अखबारों में, सोशल मीडिया पर, टीवी पर तमाम ऐसी घटनाएं देखते हैं जिन्हें देख कर हम यकीन ही नहीं कर सकते कि ये सब हमारे देश में हो रहा है। क्योंकि हमारे देश में युगों से ही महिलाओं को सम्मान दिया जाता रहा है। लेकिन हैवानियत की सोच रखने वाले कुछ दरिंदों की वजह से पूरा समाज कलंकित हुआ है।

देश में दुराचार की घटनाएं आए दिन अखबारों और चैनलों की सुर्खियां बनती हैं। वहीं पिछले कुछ दिनों से बेहद शर्मनाक वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें आपराधिक तत्व महिलाओं को पीटते हुए दिखाई देते हैं। ऐसा ही एक वीडियो उत्तर प्रदेश पुलिस का भी सामने आया जिसमें कुछ पुलिस वाले एक महिला को बेल्टों से पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद महिलाए कैसे अपने को सुरक्षित महसूस कर सकती हैं? इसी तरह एक अन्य वीडियो में अमृतसर में सत्तापक्ष से संबंध रखने वाले कुछ लोगों ने एक महिला को घसीटते हुए सरेआम पीटा।

ये तो महज कुछ मामले हैं जो सामने आ गए। ऐसे न जाने कितने मामले देश भर में होते हैं जो सामने नहीं आ पाते। ऐसी स्थिति में हम कानून को बिल्कुल बेबस पाते हैं। ऐसे में लगता है कि कानून महज कुछ ताकतवर लोगों की कठपुतली बन कर रह गया है। अगर कानून इसी तरह से बेबस और लाचार रहा तो इस तरह की घटनाएं समाज को रस्ताल में ले जाएंगी।
’मोहन लाल सोलंकी , रामसरा

हमलावरों को सजा मिले
जिस तरह तेलंगाना में महिला वन अधिकारी पर हमला किया गया, उससे तो यही सवाल उठता है कि भारत में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। जिस तरह आए दिन बलात्कार और महिलाओं को पीटने का सिलसिला चल रहा है, उससे तो यही लगता है कि भारत सरकार की ‘बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ’ योजना नाम के लिए है। इस महिला अधिकारी को टीआरएस विधायक के भाई की अगुवाई वाली भीड़ ने जिस तरह पीटा, वह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। अगर इसी तरह घटनाएं महिलाओं के साथ होती रहीं तो महिलाओं का आत्मविश्वास टूट जाएगा। यह भविष्य के भारत के लिए अच्छा संकेत नहीं हैं। किसी भी सभ्य समाज का निर्माण महिलाओं के द्वारा ही होता हैं। अगर सभ्य समाज का निर्माण नहीं होगा तो सभ्य भारत का निर्माण नहीं होगा। इसलिए तेलगांना सरकार और केंद्र सरकार ऐसे दोषियों को सख्त से सख्त सजा दे।
’संस्कृति चौधरी, सहरसा

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