सच्चे पद्म श्री

हाल ही में दो ऐसे भारतीयों को पद्म श्री से सम्मानित किया गया, जो वास्तव में उसके हकदार थे।

राष्ट्रपति से पद्म पुरस्‍कार ग्रहण करते हरेकाला हजब्बा। फाइल फोटो।

हाल ही में दो ऐसे भारतीयों को पद्म श्री से सम्मानित किया गया, जो वास्तव में उसके हकदार थे। हरेकाला हजब्बा, जो संतरे बेच कर डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन पूंजी इकट्ठा कर अपने गांव में विद्यालय खोल कर उसमें सभी ग्रामीण बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवा कर अक्षर संत के नाम से लोकप्रिय हुए। वहीं बहत्तर वर्षीय तुलसी गौड़ा ने पर्यावरण की सजग प्रहरी बन तीस हजार से अधिक पौधे लगा कर समाज में आदर्श स्थापित किया।
पहले जहां ऐसे लोगों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाता था, जो पाश्चात्य सभ्यता के मोह में अंधे होकर भारतीय संस्कृति का हर मंच से खुला मजाक उड़ाते थे। उन्हें पद्म श्री से सम्मानित होता देख, मन में नवभारत के निर्माण का सपना साकार होता दिख रहा है।
’दिलीप गोयल, मेरठ

समाजवादी खुशबू!

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कार्यालय में समाजवादी इत्र जारी किया। इसे जारी करते हुए उन्होंने वर्तमान योगी सरकार को लक्ष्य कर कहा कि यह इत्र नफरत की आंधी को खत्म कर समाजवाद की सुंगंध फैलाएगा। यह बात बिल्कुल ठीक है कि नफरत को खत्म करके समाजवाद को बढ़ावा देना चाहिए। पर अच्छा होता कि यह इत्र अखिलेश यादव उस समय लांच करते जब उनकी पार्टी सत्ता में थी और वे मुख्यमंत्री थे।

उस समय अगर यह समाजवादी इत्र आ गया होता, तो जनता शायद इनको सत्ता से बाहर न करती। जब वे मुख्यमंत्री थे तब उनके हर निर्णय में जातिगत और धार्मिक भेदभाव साफ दिखाई देता था। किसी भी प्रकार की भर्ती में एक जाति विशेष के लोगों का बड़ी मात्रा में चयन शायद उनके समाजवाद का अंग ही था। धार्मिक रूप से एक धर्म को बिल्कुल अनदेखा करके दूसरे धर्म के लिए काम करना भी उनका ही समाजवाद ही था।
जिस समाजवादी इत्र को उन्होंने जारी किया, उसकी जांच ठीक से करनी चाहिए, कहीं फिर से यह समाजवादी इत्र समाजवाद की जगह परिवारवाद, जातिवाद और धार्मिक भेदभाव की सुंगध न फैलाने लगे।
’ललित शंकर, गाजियाबाद

सफल कार्यक्रम

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। उनकी सरकार द्वारा की गई कल्याणकारी घोषणाओं में पुरानी कालोनियों में निवासरत लोगों को बिजली कनेक्शन जारी करना, नए साइबर थानों की स्थापना, पुलिसकर्मियों की चिकित्सा जांच, पंचायत संरक्षक योजना, सरकारी विभागों की 456 सेवाएं एक परिवार एक पहचान-पत्र के माध्यम से मिलने की पहल आदि शामिल है।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नेतृत्व करने वाले विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की हरियाणा सरकार की नीति देश में सर्वश्रेष्ठ है। यही कारण है कि ओलंपिक खेलों और अन्य प्रतिस्पधार्ओं में सबसे ज्यादा पद्र हरियाणा के खिलाड़ी जीत कर लाते हैं।
हरियाणा सरकार के विकास के कुछ माडलों को केंद्र सरकार ने भी अपनाया है। पिछले सात वर्षों में हरियाणा की खट्टर सरकार ने सुशासन लाने की पहल की है। प्रदेश में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार भी कम हुआ है। अगर समग्र रूप से आकलन किया जाए तो इस सरकार की गणना सफल सरकारों में की जा सकती है।
’ललित महालकरी, इंदौर

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