ताज़ा खबर
 

चौपाल: जिम्मेदारी का भाव

लोगों ने सामाजिक दूरी, मुंह ढंकने और हाथ साफ रखने जैसी आदतों को अंगीकार किया। कोरोना को जाना और उससे लड़ना सीखा। घर से दफ्तर का काम किया, घरेलू नौकरों के बिना जीना सीखा। मृत्यु और विवाह आडंबर रहित हुए।

Coronavirus Lockdown 5.0 in India: 1 जून से शुरू होगा अनलॉक-1 (indian express file)

भारत अब पूर्णबंदी को खत्म करता हुआ सामान्य स्थिति की ओर कदम बढ़ा रहा है। लेकिन इसके साथ ही कोरोना का कहर भी बढ़ता जा रहा है। आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को देखते हुए हमेशा पूर्णबंदी नहीं रह सकती। पूर्णबंदी के कई फायदे हुए, जैसे कोरोना के फैलाव की रफ्तार कम पड़ी, चिकित्सा सुविधाओं में सुधार और विस्तार हुआ, जांच और पीपीई किट, मास्क, वेंटीलेटर आदि जरूरी उपकरणों के मामले में हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

लोगों ने सामाजिक दूरी, मुंह ढंकने और हाथ साफ रखने जैसी आदतों को अंगीकार किया। कोरोना को जाना और उससे लड़ना सीखा। घर से दफ्तर का काम किया, घरेलू नौकरों के बिना जीना सीखा। मृत्यु और विवाह आडंबर रहित हुए। धर्मस्थलों मे जाए बिना भी धर्म कायम रहा। सीखा तो और भी बहुत कुछ है और अब समय है इन सीखों के पालन का, जिससे खुद और समाज को कोरोना से बचाते हुए हम आगे बढ़ें सकें।

सरकार हर समय हर एक के साथ नहीं हो सकती। इसलिए अब सरकार से ज्यादा जिम्मेदारी हमारी है और जब तक ये जिम्मेदारी हम पूरी ईमानदारी से नहीं निभाएंगे, तब तक कोरोना से छुटकारा नहीं मिलेगा।
’बृजेश माथुर, गाजियाबाद

किसी भी मुद्दे या लेख पर अपनी राय हमें भेजें। हमारा पता है : ए-8, सेक्टर-7, नोएडा 201301, जिला : गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश
आप चाहें तो अपनी बात ईमेल के जरिए भी हम तक पहुंचा सकते हैं। आइडी है : chaupal.jansatta@expressindia.com

Next Stories
1 चौपालः आधुनिकता के बरक्स
2 चौपालः बंदी के बीच
3 चौपालः ढहता अर्थ
यह पढ़ा क्या?
X