ताज़ा खबर
 

चौपाल: अमल का संकट

किसी भी व्यापारी के लिए उसका कर्मचारी ही उसका रीढ़ होता है, उसी के सहारे वह व्यापार का विस्तार करता है। लेकिन मुसीबत के वक्त में नियोक्ता जिस तरह का बर्ताव कर रहे हैं, क्या उसे मानवीय कहा जाएगा।

देश में बेरोजगारी की दर 23.5 फीसदी हुई, कई राज्यों में 50 पर्सेंट बेरोजगार है।

कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार के आदेशों और उसके अमल को लेकर जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिल रहा है। अगर ऐसा नहीं होता तो सरकार का फरमान यह फरमान कि नियोक्ताओं को हर कर्मचारियों को पूर्णबंदी का वेतन देना होगा, हर नियोक्ता मानता। पर हो यह रहा है कि नियोक्ता सिर्फ वेतन ही नहीं दे रहे, बल्कि नौकरी तक से निकाल दे रहे हैं। सरकार के निदेर्शों के बावजूद कामगारों का वेतन काटा जा रहा है, कई तो वेतन तक नहीं दे रहे।

यही वजह है कि लोगों के पास पैसा खत्म हो गया और वे अपने घरों को लौटने को मजबूर हुए। किसी भी व्यापारी के लिए उसका कर्मचारी ही उसका रीढ़ होता है, उसी के सहारे वह व्यापार का विस्तार करता है। लेकिन मुसीबत के वक्त में नियोक्ता जिस तरह का बर्ताव कर रहे हैं, क्या उसे मानवीय कहा जाएगा। सरकार को ऐसे नियोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो कामगारों की सुरक्षा के मामले में उसके निदेर्शों का पालन नहीं कर रहे हैं।

’जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी (जमशेदपुर)
लापरवाही की हद
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में जिस तरह से सोलह मजदूरों की मालगाड़ी से कट कर मौत हो गई, उससे व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, प्रशासन, पुलिस सब पर यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर क्यों इन मजदूरों को पटरी पर चलने के लिए विवश होना पड़ा। आज ज्यादातर उद्योग बंद पड़े हैं और मजदूर खाने के लिए मोहताज हैं।

ऐसे में सवाल है कि करें तो क्या करें। कैसे घर-परिवार का पेट पालें। प्रवासी मजदूरों घर वापसी को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच जिस तरह की राजनीति देखने को मिली, वह शर्मनाक है। केंद्र और राज्यों में कोई तालमेल नहीं दिख रहा है। ऐसे में मजदूर कैसे सुरक्षित घर पहुंचेंगे। मजदूरों को लेकर सरकारों ने जिस तरह की लापरवाही और अदूरदर्शिता का परिचय दिया है, वह भारत जैसे सभ्य देश पर किसी कलंक से कम नहीं है। दुनिया के शायद ही किसी देश में सरकारों का नाकारापन देखने को मिला हो।
’विजय कुमार धनिया, दिल्ली

किसी भी मुद्दे या लेख पर अपनी राय हमें भेजें। हमारा पता है : ए-8, सेक्टर-7, नोएडा 201301, जिला : गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश, आप चाहें तो अपनी बात ईमेल के जरिए भी हम तक पहुंचा सकते हैं। आइडी है chaupal.jansatta@expressindia.com

Next Stories
1 चौपाल: चीन पर संदेह
2 चौपाल: समाज और सवाल
3 चौपाल: पैकेज की दरकार
ये पढ़ा क्या?
X