जनसत्ता चौपाल : लालच के पत्थर

सितंबर 2014 में कश्मीर की भीषण बाढ़ में भारतीय सेना तो लोगों को बचाने के लिए जान पर खेल रही थी, उस समय बुरहान वानी पाकिस्तान भाग गया था।

Author नई दिल्ली | July 19, 2016 3:02 AM
burhan wani, kashmir protest, hafeez saeef, hizbul mujahideen, jamat ud dawa, lashker e taiba, jammu kashmir news, kashmir violenceहिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी (दाएं) और सबजार अहमद। (पीटीआई फाइल फोटो)

सितंबर 2014 में कश्मीर की भीषण बाढ़ में भारतीय सेना तो लोगों को बचाने के लिए जान पर खेल रही थी, उस समय बुरहान वानी पाकिस्तान भाग गया था। हुर्रियत के नेताओं ने भी राहत कार्यों में कहीं भाग नहीं लिया, बल्कि इन अलगाववादियों-पाकपरस्तों में से कइयों को खुद भारतीय सैनिकों ने डूबने से बचाया। सेना के अनेक अफसरों और जवानों ने उस मुहिम में अपनी जान तक गंवाई। आज उनकी सेवा और बलिदान को कृतघ्नतापूर्वक भुला कर आईएसआई से कुछ रुपए पाने के लालच में चंद सिरफिरे कश्मीरी फौज पर पत्थर फेंक रहे हैं!

अजय मित्तल, खंदक, मेरठ

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