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चौपालः प्रदूषण का ग्रहण

प्रेम और सुंदरता की नायाब नजीर ताजमहल बदरंग हो रहा है। उसका रंग धीरे-धीरे भूरा और हरा हो रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण है प्रदूषण।

Author May 21, 2018 4:26 AM
दुनिया का पहला अजूबा आगरा में स्थित ताज महल (फोटो सोर्स- ट्विटर/@Travelingpic_FR)

प्रेम और सुंदरता की नायाब नजीर ताजमहल बदरंग हो रहा है। उसका रंग धीरे-धीरे भूरा और हरा हो रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण है प्रदूषण। इसी से चिंतित होकर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द देश अथवा विदेश के विशेषज्ञों की मदद लेकर ताजमहल की सुंदरता बचाने का कार्य करे। 1998 से ही ताजमहल की खूबसूरती पर प्रदूषण का ग्रहण लगने से उसका रंग पीला पड़ने लगा था।

चाहे केंद्र सरकार हो या फिर भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, दोनों ने ताजमहल को प्रदूषण से बचाने की भरपूर कोशिश की मगर नतीजा आज भी निराशाजनक है। इस समस्या के कई कारण हैं जिनमें सबसे बड़ा है आगरा शहर में बढ़ते वाहन, उद्योग और आबादी। शहर में यातायात और उससे निकलने वाली जहरीली हवाओं ने प्रदूषण के स्वरूप को और भयावह बना दिया है।

विश्व के सात अजूबों में से एक होने के कारण दुनिया भर से पर्यटक ताजमहल का दीदार करने खिंचे चले आते हैं जिससे सरकार को अच्छी कमाई भी होती है। अगर 350 सौ साल से अधिक पहले बने ताजमहल से देश का गौरव कायम रखना है तो वक्त आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकार मिल कर ताज की सुंदरता को संरक्षित करें।

पियूष कुमार, नई दिल्ली

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