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चौपालः बदरंग ताज

हाल ही में आगरा में बढ़ते प्रदूषण के ताजमहल पर होने वाले दुष्प्रभाव पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई और भारतीय पुरातत्त्व विभाग को भी उसके रखरखाव के लिए हिदायत दी है।

Author May 16, 2018 3:23 AM
दुनिया का पहला अजूबा आगरा में स्थित ताज महल (फोटो सोर्स- ट्विटर/@Travelingpic_FR)

हाल ही में आगरा में बढ़ते प्रदूषण के ताजमहल पर होने वाले दुष्प्रभाव पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई और भारतीय पुरातत्त्व विभाग को भी उसके रखरखाव के लिए हिदायत दी है। बढ़ते शहरीकरण, प्रदूषित यमुना और औद्योगिक केंद्र होने के कारण आगरा आज बहुत अधिक प्रदूषण की मार झेल रहा है। उसके पास ही मथुरा में तेल शोधक कारखाने से निकलने वाली जहरीली वायु और धुएं के कारण भी ताज बदरंग होता जा रहा है।

ताज के निर्माण के समय यमुना शुद्ध जल से लबालब कलकल बहती थी। उससे ताज महल को पर्याप्त नमी मिलती थी और यहां की हवा भी शुद्ध रहती थी जिससे ऐसे हानिकारक जीवाणु और कीट पनपते ही नहीं थे जो ताज को नुकसान पहुंचाएं। लेकिन आज आगरा में यमुना एक गंदे नाले जैसी हो गई है। जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर नजर आते हैं और वह भी ताज के आसपास ही। यदि विश्व के सात आश्चर्यों में शामिल ताज को बचाना है तो यहां के उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को यमुना में मिलने से सख्ती से रोकना होगा। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को सख्ती के साथ बंद कराना और यमुना को गंदे नाले से फिर एक जीवित नदी के रूप में बदलना होगा। तभी यह शहर और ताज प्रदूषण मुक्त हो पाएगा।

संजय डागा, हातोद

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