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चौपाल: महामारी से जंग

ज्ञात रहे कोरोना वायरस से निपटने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राजस्थान सरकार सहित देश की अनेक राज्य सरकारों ने संपूर्ण बंदी (लॉक डाउन) लागू कर दी है। शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, हमें भी उनके आदेशों का अक्षरश: पालन करके अपनी नैतिक जिम्मेदारी और कर्त्तव्य को निभाना है।

Author Published on: March 25, 2020 5:00 AM
Coronavirus LIVE Updates: दुनिया के 173 देशों में कोरोनावायरस के 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। (सोर्स- सोशल मीडिया)

अब समय आ गया है कुछ कर दिखाने का। स्वयं को सुरक्षित रखते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र को सुरक्षित रखने का। कृतसंकल्पित होकर उस वैश्विक महामारी से लड़ने का जो भारत में भी पैर पसार चुकी है, सरकार द्वारा जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का गंभीरता के साथ पालन करने का। संकट काल गहरा है और कितने समय बना रहेगा, इसका अनुमान लगा पाना मुश्किल है। सब कुछ हम स्वयं पर, हमारी दृढ़ इच्छा शक्ति पर निर्भर है कि हम कितने गंभीर और सजग हैं कोरोना को हराने के लिए।

अभी और इसी समय से ही अगर हम नहीं जागे तो पूर्व में किए गए प्रयास बेकार चले जाएंगे। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न हुई इस महाआपदा की गंभीरता को देखते हुए लापरवाही बरतने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं है। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ काफी हद तक सफल माना जा सकता है, लेकिन उसके बाद से जनता द्वारा लापरवाही के लक्षण सामने आने लगे हैं। यदि आपको लगता है कि मैं तो ठीक हूं, मुझे क्या हुआ है या हमारे यहां तो कोई भी मरीज पॉजिटिव नहीं पाया गया है, तो आपका यह सोचना गलत है। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।

अब प्रश्न यह उठता है कि जनता कर्फ्यू में क्या हमारा धैर्य चंद घंटों के लिए ही था? क्या हमारी इच्छाशक्ति इतनी कमजोर है कि हम अपने आप को संयमित नहीं रख पा रहे हैं, घर से बाहर निकलने को उतावले हो रहे हैं, क्या हमारे उपदेश सिर्फ सोशल मीडिया पर लिखने, शेयर और लाईक तक ही सीमित है? आचरण में आत्मसात करने के लिए नहीं। जबकि आवश्यकता है कोरोना को हराने के लिए कई दिनों तक धैर्य और संयमित बने रह कर अपना श्रेष्ठ नागरिक कर्त्तव्य निभाने की।

ज्ञात रहे कोरोना वायरस से निपटने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राजस्थान सरकार सहित देश की अनेक राज्य सरकारों ने संपूर्ण बंदी (लॉक डाउन) लागू कर दी है। शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, हमें भी उनके आदेशों का अक्षरश: पालन करके अपनी नैतिक जिम्मेदारी और कर्त्तव्य को निभाना है। पूर्ण बंदी एक आपदा व्यवस्था है जो किसी आपदा या महामारी के वक्त सरकारी तौर पर लागू की जाती है। इसलिए जरूरी है कि सरकार द्वारा घोषित लॉक डाउन के नियमों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा से पालन करें तथा कोरोना के विरूद्ध युद्ध में सुरक्षा वीर बनें। सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है, हमें शासन-प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिला कर साथ देना है, तभी हम कोरोना को मात दे सकेंगे।
’विवेक मित्तल, बीकानेर

नक्सलियों की चुनौती
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले से सीआरपीएफ के 17 जवान शहीद हो गए। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें नक्सलवादियों ने घात लगा कर सुरक्षा बलों पर हमले किए हैं। सरकारों ने कई बार नक्सलवादियों से संवाद के जरिए हल खोजने का प्रयास किया, हालांकि इसमें नाकामी हाथ लगी। जहां आज समूचा विश्व कोरोना वायरस से लड़ने में व्यस्त है और हमारी केंद्र व राज्यों की सरकारें कोरोना वायरस से निपटने के लिए सख्ती के साथ असाधारण प्रयासों में जुटी है, वहीं पर नकस्ली मौकापरस्ती में जुटे हैं। इसी का ही परिणाम है कि एक बार फिर हिंसक घटना को अंजाम देकर वे अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। अब वह समय आ गया है जब नक्सलियों का खात्मा जरूरी हो गया है, अन्यथा यह देश की आन्तरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा बन सकते है । सरकार को कुछ विशेष प्रयास करने होंगे जिससे यह नक्सली नासूर को खत्म हो।
’अली खान, जैसलमेर

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