ताज़ा खबर
 

चौपालः इंसानियत के विरुद्ध

केंद्र सरकार ने कश्मीर में निरंतर चले आ रहे अपने सैन्य अभियानों पर रमजान के पाक महीने में रोक लगा दी थी ताकि वहां का माहौल शांत और खुशनुमा रहे। इस फैसले की विश्व के कई देशों ने सराहना भी की।

Author June 20, 2018 5:10 AM
सेना के जवानों को अब मिलेगा मॉर्डन हेलमेट। (Representative Image)

केंद्र सरकार ने कश्मीर में निरंतर चले आ रहे अपने सैन्य अभियानों पर रमजान के पाक महीने में रोक लगा दी थी ताकि वहां का माहौल शांत और खुशनुमा रहे। इस फैसले की विश्व के कई देशों ने सराहना भी की। रमजान के पवित्र महीने में खून-खराबा न हो, कश्मीर की जनता के लिए भला इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती थी! लिहाजा, घाटी के लोगों ने भी सुकून की सांसें लीं। लेकिन पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों ने इसका फायदा उठाने में तनिक भी देरी नहीं की और पवित्र महीने में भी अपनी घिनौनी हरकतों से बाज नहीं आए।

कहते हैं कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता लेकिन भारत की तरह पाकिस्तान धर्म निरपेक्ष राष्ट्र नहीं है, उसका तो राष्ट्रीय धर्म ही इस्लाम है और इस्लाम के अनुसार रमजान महीने में खून-खराबा वर्जित है। फिर तो पाकिस्तान ने कश्मीर में गोलाबारी करके अपने ही राष्ट्रीय धर्म की तौहीन की है। यह जग जाहिर है कि आतंकवादियों का पोषक पाकिस्तान ही है और वहां के अधिकांश आतंकवादी भी मजहब की चादर ओढ़े रहते हैं। लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों ने इस पाक महीने को भी नहीं बख्शा और शांति बहाल करने वाले पत्रकार सुजात बुखारी, कई जवानों, पुलिस कर्मियों, और तो और, रोजा रखने वाले अनेक आम नागरिकों की भी रमजान में जान ले ली। यह बहुत अफसोसनाक है इस्लाम को मानने वाले आतंकवादियों और पूरे इस्लामी पाकिस्तान के लिए कि उन्होंने इस्लाम के अनुसार, अल्लाह की बंदिगी वाले सबसे पाक महीने रमजान को भी हिंसा की भेंट चढ़ा दिया।

सबसे ज्यादा दुखद तो यह है कि ईद के दिन ही पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी करके हमारे एक और जवान की जान ले ली। और भी गहरा धक्का तब लगा जब कश्मीर में नमाज के बाद कुछ देशद्रोही पत्थरबाजों ने सुरक्षा बलों को पेट्रोल बमों से निशाना बनाया और लोगों से ईद की खुशियां छीन लीं। यह पैगंबर साहब का इस्लाम नहीं हो सकता क्योंकि उनका इस्लाम तो इंसानियत की हिफाजत करता है और जिसकी कद्र हर भारतवासी करता है। यह पाकिस्तानी इस्लाम है जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ इंसानियत को लहूलुहान करना है।

अंकित रजक, बिल्हारी-दतिया, मध्यप्रदेश

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X