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चौपाल

फरार या शिकार

मध्यप्रदेश में एक लाख करोड़ के आसपास माने जा रहे व्यापम घोटाले में दो हजार लोग कारावास में हैं, तैंतालीस की अस्वाभाविक मृत्यु हो...

इतने अधीर

सत्तासुख यानी लाल बत्ती, टेलीफोन, गाड़ी-बंगला, उद््घाटन-आयोजन, मंगलाचरण, स्वागत के लिए उत्सुक भीड़, सुरक्षा का तामझाम, फोटो-खबर आदि का आनंद जब थम जाता है...

इस हम्माम में

लंदन में बैठ कर ललित मोदी उनसे उपकृत होने वाले व्यक्तियों और भारत के राजनेताओं के नाम बता कर कोई नया राज जाहिर नहीं...

संकट का समाधान

ग्रीस का संकट, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की विश्वव्यापी मंदी की आशंका, अर्थशास्त्रियों का आर्थिक संकट के समाधान के लिए नई...

योग का मर्म

प्रेम कुमार मणि का पत्र ‘योग और विपस्सना’ (24 जून, चौपाल) पढ़ा। इसमें योग (पतंजलि) और विपस्सना (बुद्ध) इन दो महान पुरुषों के विचारों...

बाजार में लाचार

बाजार, सत्ता और मनुष्य के रिश्ते इस पृथ्वी पर शुरू से रहे हैं। मनुष्य अपनी जरूरत की वस्तुओं को लेने के लिए बाजार जाता...

विनय का आग्रह

आज छोटी-सी बात भी लोग सहन नहीं कर पाते हैं और गांव-शहर सब हिंसा, अहं और दिखावे में डूब रहे हैं। इससे मुक्ति विनय...

आपातकाल की आहट

इंदिरा गांधी के आपातकाल लागू करने से सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ था कि राजनीति और अन्य लोकतांत्रिक संस्थानों में नैतिक मूल्यों का क्षरण...

जहर का कारोबार

मुंबई के मालाड पश्चिम के एक झुग्गी इलाके में पिछले दिनों जहरीली शराब कारण सौ से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सवाल...

योग और विपस्सना

योग दिवस पर मुझे अपनी तरुणाई के नालंदा-प्रवास की याद आ रही है। भिक्षु द्वय जगदीश कश्यप और धर्मरत्नजी से विपस्सना को जाना-समझा था।...

जाति से ऊपर

आज देश के लगभग सभी राजनीतिक दल खुद को आंबेडकर का प्रबल समर्थक सिद्ध करने की होड़ में लगे हैं, लेकिन वे बार-बार उनके...

बिहार की बिसात

यह सत्ता की चाशनी ही है जो दो दोस्तों को दूर करने या फिर पास-पास लाने का माद्दा रखती है। वैसे भी राजनीति में...

संकीर्ण नहीं संस्कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके आनुषंगिक संगठन देश की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत की बेहद संर्कीण व्याख्या करते हुए देश को हिंदू राष्ट्र बनाने...

योग की राजनीति

मीडिया में आजकल दिल्ली की राजनीति और योग सुर्खियां बटोर रहे हैं। यह कहना मुश्किल होगा कि राजनीति का योग चल रहा है या...

खतरे की आहट

आडवाणीजी को डर है कि आपातकाल की स्थिति फिर से बन सकती है क्योंकि लोकतंत्र का गला लगातार घोंटा जा रहा है। अफसोस है...

चित्त का परिष्कार

शास्त्रों में पढ़ा था कि योग चित्तवृत्ति को नियंत्रित करता है। लेकिन जब योग के कई सूरमाओं को गलत गतिविधियों में लिप्त पाया तो...

कैसी मेहरबानी

मानवीय आधार पर या परिवार की अत्यंत आवश्यक रस्म निभाने की खातिर जेल से पैरोल पर बंदियों को एक निश्चित अवधि के लिए रिहा...

सच की सजा

शाहजहांपुर में स्वतंत्र पत्रकार जागेंद्र की हत्या नृशंस है और त्रासद भी। नृशंस इस मामले में कि कानून-व्यवस्था की अकड़ ऐसी कि वह राजनीतिक...