चौपाल

आमिर खान की फिल्म ‘PK’: विवाद का बाजार

आमिर खान की फिल्म ‘पीके’ रिलीज होते ही भावनाएं आहत होने और भड़कने का वही सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया जो पिछले...

पेरिस हमला: असहिष्णुता के विरुद्ध

फ्रांस की कार्टून पत्रिका ‘शार्ली एब्दो’ पर आतंकी हमला इस हकीकत को दर्शाता है वैचारिक धरातल पर मानव सभ्यता आज भी बर्बर असहिष्णुता को...

धर्म और मानवधर्म

राजकिशोर का लेख ‘हम धर्म के बिना नहींं रह सकते’ (7 जनवरी) पढ़ा। सचमुच आज धर्म को विमर्श के केंद्र में लाना जरूरी हो...

एक ही थैली के

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई है और सभी पार्टियां फिर तरह-तरह के लोकलुभावन वादे कर रही हैं। इनमें आम आदमी पार्टी...

राजनीति से दूर

नरेंद्र मोदी जिस तरह से पटेल, गांधी या किसी और नेता का नाम भुनाने का प्रयास कर रहे हैं उससे कुछ नहीं होना। मोहनदास...

दुरुस्त आयद

आखिरकार भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टैस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। जो गत उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी की विदेशी...

बेरोजगारी का दायरा

देश में बेरोजगारों की भीड़ बढ़ती दिख रही है। देश के लिए वैसे तो यह समस्या शाश्वत है, लेकिन वर्तमान परिप्रेक्ष्य में तथ्य यह...

Pakistan Boat: नापाक इरादे

पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान भारत में अशांति फैलाने के लिए ज्यादा उतावला दिखाई दे रहा है। सीमा पर वह लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन...

NITI AAYOG: बदलाव के बाद

योजना आयोग की जगह लेने वाली नई संस्था ‘नीति आयोग’ के चार प्रमुख हिस्से होंगे- राष्ट्रीय पहचान प्राधिकरण, प्रत्यक्ष लाभ स्थानांतरण, अंतरराज्यीय परिषद और...

पद्म और छद्म

यह अफसोसनाक है कि कि देश की बड़ी खिलाड़ियों में शुमार सायना नेहवाल को पद््मभूषण पुरस्कार में नामित होने के लिए सार्वजनिक रूप से...

ऐसी ईमानदारी

इन दिनों भ्रष्टाचार और घोटालों को व्यवस्था और समाज के सबसे बड़े रोग के रूप में मान लिया गया है और सौ-दो सौ रुपए...

अध्यादेशों के पीछे

अरविंद मोहन ने अपने लेख ‘बीमा विदेशीकरण की बेचैनी क्यों’ (5 जनवरी) में वाजिब उवाल उठाए हैं कि सरकार को बीमा क्षेत्र में विदेशीकरण...

आनुपातिक फर्क

‘पीके’ फिल्म पर इन दिनों विवाद बढ़ता जा रहा है। आलोचकों/ दर्शकों का एक वर्ग ऐसा है, जो इस फिल्म की प्रशंसा इसलिए कर...

इलाज का विकल्प

हमारे देश में धीरे-धीरे एलोपैथी चिकित्सा की कमियां उजागर होने के साथ ही लोगों का ध्यान वैकल्पिक चिकित्सा की ओर जाने लगा है। सरकारी...

झूठ के पांव

केंद्र में स्पष्ट जनादेश के बाद संघ और उनके अनुषंगी संगठन के साथ-साथ कुछ सांसदों और मंत्रियों ने जिस तरह ‘घर वापसी’, गीता को...

परवरिश का परिवेश

समाज जैसी सीख अपने बच्चों को दे रहा है उसका नतीजा भी उसी के अनुरूप मिल रहा है। बच्चों की परवरिश किस परिवेश में...

जंजीर कैसे तोड़ें

‘जाति की जंजीर’ (जनसत्ता, 30 दिसंबर) छोटा-सा पत्र ‘सतसैया के दोहरे ज्यों नावक के तीर, देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर’ की तरह...

गांव की सूरत

अरविंद दास की टिप्पणी ‘कहां है गांव’ (समांतर, 25 दिसंबर) पढ़ी। पी. साईनाथ की ‘तीसरी फसल’ पढ़ी, बेचैन कर देने वाली किताब है। खासकर...

आज का राशिफल
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