ताज़ा खबर
 

चौपाल

विवाद का शौक

पिछले साल खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर पर गांधीजी को उनके चरखे से हटा कर मोदीजी को सुशोभित किया जाना आम देशवासियों को उचित नहीं...

सेहत के सामने

तेजी से बदल रही जीवनशैली, खानपान और शारीरिक कसरत की कमी के कारण आज वृद्ध ही नहीं, युवा पीढ़ी भी मोटापा, हृदय रोग और...

गैरजरूरी बहसें

राहुल गांधी की कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी के बारे में सजग रहने वाले समाचार कई दिनों से बहुत चर्चा में हैं।

बेमानी रिवायत

माहवारी कोई ऐसी बीमारी नहीं है कि इसमें किसी को न छूना, जमीन पर सोना या पूजा न करना जैसी पाबंदिया लगा दी जाती...

चौपाल: बड़बोलापन सही नहीं

भूल से भी प्रमादवश बड़बोलेपन को अपने पास फटकने न दें। काल महाबली है। हम सभी उसके अधीन हैं।

चौपाल- प्रतीकों का प्रहसन

दोनों तरह के लोग भारतीय समाज में हैं, जिसका फायदा फिल्मकार और राजनेता, दोनों उठाना चाहते हैं। एक इन्हें उकसा कर मुफ्त में फिल्म...

चौपालः किस ओर

आज के युग में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा न दिखती हो। लोगों में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की अंधी...

चौपालः प्रदूषण के विरुद्ध

दिल्ली सहित उत्तर भारत में वायु प्रदूषण की विकराल होती समस्या से निपटने लिए बहुआयामी और बहुस्तरीय ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।

नंबर एक

मुसलिम बहुल सऊदी अरब में योग को खेल का दर्जा मिला है। योग का विरोध करने वाले भारत के कट्टरपंथी उस देश से स्वास्थ्य...

हंसी की तलाश

ठठाकर हंसने की तलाश अस्सी-नब्बे के दशक के मौलिक कॉमेडी कार्यक्रम ‘ये जो है जिंदगी’, ‘नुक्कड़’, ‘देख भाई देख’ पर जाकर ठहर जाती है।...

बे-हद प्रदूषण

दिनभर की स्थिति में काफी बदलाव आ रहा है। दिन में जहां हवा 1600 मीटर की ऊंचाई तक होती है, वहीं शाम तक वह...

कसौटी पर शिक्षा

सत्तर साल बाद चौहत्तर प्रतिशत भारतीयों को हम ‘साक्षर’ कर पाए हैं! यह गर्व का नहीं, बल्कि बेहद शर्म का विषय है, क्योंकि ‘साक्षर’...

गर्व की बात

मैरी का करियर अब ढलान पर है लेकिन उन्होंने फिर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। मैरी कॉम ने 48 किलोग्राम भार वर्ग...

क्रांति के बीज

20वीं शताब्दी के इतिहास पर साम्यवाद का बहुत असर रहा। हालांकि, जैसा मार्क्स और एंगेल्स ने लिखा था, उस तरह साम्यवाद जमीन पर नहीं...

दुर्घटनाएं कैसे रुकें

हाल के दिनों में धुंध के दौरान यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई दुर्घटनाए हुर्इं। हुआ यह है कि हमने पश्चिम...

चौपालः जनतंत्र की चुनौती

देश की आजादी के समय अंग्रेजों ने हमारे लोकतंत्र अपनाने के फैसले पर चुटकी लेते हुए भविष्यवाणी की थी कि भिन्न-भिन्न जाति, धर्म, भाषा...

चौपालः विरोध की जगह

जब से राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने जंतर-मंतर पर होने वाले किसी भी तरह के प्रदर्शन पर रोक लगाई है तब से न तो...

नाकाम फैसला

अब जबकि नोटबंदी का एक साल पूरा हो चुका है तो स्वाभाविक ही लोगों के मन में यह प्रश्न उठ रहा है कि इससे...