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चौपाल

चौपाल: अतार्किक विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पकौड़े बेचने को रोजगार से क्या जोड़ा कि विरोधियों ने उनकी लानत-मलामत में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कांग्रेस नेता...

चौपालः अराजक अतिवाद

उत्तर प्रदेश के एक शहर में हुए सांप्रदायिक दंगों की खबर पढ़ते हुए विचलित हो जाना स्वाभाविक था। खबर के अनुसार मोटर साइकिलों पर...

चौपालः गांधी के प्रति

‘हे राम’ के साथ अंतिम विदा लेने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तब फिर प्रासंगिक हो जाते हैं जब समाज हिंसा, मूल्यहीनता और गैर बराबरी...

समय रहते

फिर विद्यालयों की भूमिका को देखा जाए तो विद्यालयी शिक्षा अनुशासन की आधारशिला मानी जाती है, जहां बच्चे वैयक्तिक ही नहीं सामाजिक उत्तरदायित्व के...

चौपालः विषमता का विकास

कभी-कभी जब हम सोचते हैं कि आजादी के बाद हमने क्या खोया और क्या पाया तो बहुत हताशा होती है।

चौपालः गण बनाम तंत्र

‘हम भारत के लोग’ से शुरू होने वाले हमारे संविधान की प्रस्तावना में आगे कहा गया है कि हम अपने लिए एक संपूर्ण प्रभुत्व...

चौपालः संस्कार से दूर

कुछ दिन पहले उच्च शिक्षा प्राप्त एक प्रोफेसर बेटे ने अपनी 64 वर्षीय बीमार मां को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया।

चौपालः खतरे की घंटी

हरियाणा के यमुना नगर में एक स्कूल में बारहवीं कक्षा के छात्र ने अपनी प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या कर दी।

चौपालः हिंसा के परिसर

यमुनानगर के नामी स्कूल में बारहवीं कक्षा के छात्र द्वारा दिनदहाड़े महिला प्रिंसिपल की हत्या दुखद व स्तब्धकारी घटना है।

चौपालः न्याय की भाषा

जब संविधान लागू हुआ था तो हमने निश्चय किया था कि भारत की क्षेत्रीय भाषाओं को उनका उचित स्थान दिलाएंगे।

चौपाल- कठिन समय

इस उम्र के बाल मन को कोरा कागज की संज्ञा दी गई है, फिर उसमें अपराध का जन्म कहां से हो रहा है?

फिल्म के बहाने

पुरातनपंथी ‘पद्मावती’ के बहाने जौहर प्रथा का महिमामंडन कर रहे हैं। ये देश को फिर पंद्रहवीं-सोलहवीं सदी की रूढ़ियों के दलदल में धकेल...

चौपालः दोहरे मापदंड

हज यात्रा पर सब्सिडी खत्म करना केंद्र सरकार का एक स्वागतयोग्य और साहसिक फैसला है।

चौपालः विरोध के स्वर

राजनीति का सबसे विकृत रूप मौकापरस्ती है। यही वजह है कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने या वोटबैंक बढ़ाने के लिए पार्टी की अस्मिता को...

चौपालः जात न पूछो

भारत एक बहुजातीय, बहुसांस्कृतिक अस्मिताओं वाला बहुलतावादी समाज है।

चौपालः हिंसा की जड़ें

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव से शुरू हुई जातीय हिंसा हालांकि अब थम गई है लेकिन उसका यों एकाएक भड़क कर बड़े दायरे में फैल...

चौपालः हवा में जहर

लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण के मामले में भारत ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है।

चौपाल- न्याय में देरी

भारत के सामने विकास के साथ रोजगार सृजन की दोहरी चुनौती कायम है, जिससे निपटने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है।