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चौपाल

पितृसत्ता की परतें

पिछले कुछ दिनों से हरियाणा की दो बहनें, बस में कथित छेड़छाड़ के विरोध में तीन लड़कों से भिड़ने और उनकी बेल्ट से पिटाई...

आहार पर प्रहार

विष्णु नागर की टिप्पणी ‘आहार का चुनाव’ (दुनिया मेरे आगे, 11 दिसंबर) बड़ा ही रोचक और संतुलित है। नागरजी का यह विचार बिल्कुल ठीक...

बेतुके फरमान

आश्चर्य है कि जिस सैद्धांतिक बिंदु पर क्रिसमस के दिन ‘सुशासन दिवस’ मनाने के कथित आदेशों की आहटों का संसद तक में पुरजोर विरोध...

आतंक का सिरा

पिछले दिनों उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के पेशावर शहर में सेना द्वारा संचालित एक स्कूल में भारी हथियारों से लैस अरबी-भाषी तालिबानी आत्मघाती हमलावरों ने स्कूल...

भस्मासुर के हाथ

धर्म जो सदाचार और नैतिक बंधनों को धारण करने की शिक्षा-दीक्षा का हेतु है, सतभावी जागरूक प्रहरियों के अभाव में जड़ता और अंधता का...

पेशावर का सबक

सिडनी की घटना को वहां के सुरक्षा तंत्र ने काफी होशियारी से संभाला। लेकिन उसके बाद पेशावर की घटना ने दुनिया के लोगों को...

अशांति के मंच

दुनिया में अपना आतंक खड़ा करने के लिए आतंकवादी आक्रमण, डराना-धमकाना आदि के माध्यम से हमेशा सक्रिय रहते हैं। इसके लिए वे जो माध्यम...

आतंक का दायरा

इस साल का सोलह दिसंबर विश्व इतिहास के एक सबसे शर्मनाक और दुखद दिनों में से एक माना जाएगा। बर्बरता और वहशीपन का जो...

समाज का चेहरा

जिस देश में नारी की पूजा होने के दावे दंभ के साथ किए जाते रहे हैं, वहीं आज महिलाओं को लगभग रोज छेड़खानी, अश्लीलता,...

ईमानदारी का मोल

संपादकीय ‘ईमानदारी की मिसाल’ (9 दिसंबर) पढ़ा। यह आज की संरचना में एक बड़ी परिघटना है। आए दिन घोटाले और भ्रष्टाचार की कहानी सामने...

राजनीतिक समीकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू-कश्मीर की दोनों चुनावी रैलियां: एक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में और दूसरी राया मोड़ जम्मू में सफल ही नहीं,...

सितारा की याद

सितारा देवी भारतीय संगीत विद्या की एक ऐसी सितारा थीं, जिनके न होने से एक बड़ा खालीपन महसूस हो रहा है। सिर्फ कथक ही...

साफ सफाई

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जीवन में स्वच्छता के पक्षधर थे। उनका कहना था, ‘स्वच्छता आजादी से महत्त्वपूर्ण है।’ बापू के इस कथन से स्वच्छता के...

कथनी और करनी

चौपाल के अंतर्गत छपे ‘सुरक्षा के मोर्चे’ (8 दिसंबर) में शिबन कृष्ण रैणा का मत है कि जब उरी सेक्टर में गोलीबारी हो रही...

नापाक करतूत

जब भी पाकिस्तान किसी घरेलू मोर्चे पर विफल होता है तो वह कश्मीर का मसला जोर-शोर से उछाल कर अपनी विफलता को ढंकना चाहता...

धर्म की राजनीति

इतिहास से हमने यह सीखा कि हमने इससे कुछ नहीं सीखा! मध्ययुग में अरब और तुर्क आक्रमणकारी अपने धर्म का प्रचार करने के लिए...

भरोसे की बात

वर्षाजी ने अपनी टिप्पणी ‘प्रतिवाद के पायदान’ (जनसत्ता, 17 नवंबर) में संतुलित तरीके से बात कहने की कोशिश की है। इस विषय में कोई...

शिक्षा का सुध

अरमान की टिप्पणी ‘विषमता का पाठ’ (दुनिया मेरे आगे, 8 दिसंबर) में आमना जैसे बच्चों का या उनकी ओर से यह सवाल बिल्कुल सही...