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चौपाल

राहुल की जगह

ऐसा क्या बुरा बचा होगा जो राहुल गांधी के बारे में नहीं कहा गया हो! उन्हें विदूषक ठहरा कर खूब खिल्ली उड़ाई गई। यहां...

किसान की पीड़ा

मेधा पाटकर का लेख ‘फिर क्यों छिड़ी जमीन की लड़ाई’ (जनसत्ता, 24 फरवरी) पढ़ा। जो व्यक्ति आजीवन किसानों की समस्याओं के लिए संघर्षरत रहा...

कैसी सीख

गणतंत्र दिवस पर हमारे देश के मेहमान बने अमेरिकी राष्ट्रपति हमें सामाजिक सद्भाव का सबक सिखा कर चले गए। अमेरिका पहुंच कर भी भारत...

उलटी गंगा

अटकलें है कि कांग्रेस आलाकमान ने राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाने का मन बना लिया है। मुझे याद है राहुल की...

अधिग्रहण की जमीन

पिछले आम चुनाव में यूपीए सरकार की अलोकप्रियता के साथ ही ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे और विदेशों में जमा भारतीयों का काला...

रेल बजट में

रेलमंत्री ने इस साल के बजट में पूर्व घोषित योजनाओं को पूरा करने का इरादा जताते हुए नई रेलगाड़ियों की घोषणा न करके एक...

मोदी सरकार: वही दंभ

मोदी सरकार संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली को धता बताते हुए बड़े पूंजी मालिकों के हित में जारी किए गए अनेक अध्यादेशों को पारित करवाने का...

राहुल गांधी: लाल छुट्टी पर

अपने बच्चे से ज्यादा प्रतिभाशाली और योग्य कोई हो सकता है यह बात एक मां मान ले तो फिर वह शायद ममतामयी मां का...

किसका विकास

जनतंत्र में सबसे अहम सुविधा यह होती है कि जब सरकार की गलत नीतियों से लोगों का भरोसा खत्म होने लगे, उन्हें तकलीफ होने...

राज्यपाल की गरिमा

संविधान में राज्यपाल का पद एक निष्पक्ष पद माना गया है। कुछ उदाहरणों को छोड़ कर प्राय: राज्यपाल निर्विवादित ही रहे हैं। राज्यपाल की...

संघ को जानें भी

जनसत्ता के लेखक विद्वान और विचारक हैं, उनके विश्लेषण में पैनापन भी होता है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदुत्व के बारे में उनकी...

परीक्षा की घड़ी

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए भाजपा और पीडीपी ने हालांकि कई बिंदुओं पर अपने रुख को नरम कर लिया है मगर दो-तीन मुद्दों...

तथ्य और कथ्य

इकतीस दिसंबर, 2014 को पोरबंदर से दो सौ पैंसठ किलोमीटर दूर समुद्र में संदिग्ध पाकिस्तानी नौका को उड़ाने के मामले में भारतीय तटरक्षक बल...

बदलाव के बाद

महाभारत के अश्व को कोई नहीं पकड़ सका। लेकिन 2015 में भारत के बेलगाम घोड़े के जीन को एक आम ने अवाम की मदद...

विकल्प की राजनीति

दिलीप मंडल का लेख ‘तीसरी धारा और वामपंथ का विलोपनवाद’ (19 फरवरी) पढ़ा। प्रकाश करात, लालूजी, नीतीशजी, बहनजी खुद सिकुड़ कर भी आम आदमी...

मर्यादा के विरुद्ध

अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देकर चुटकलेबाजी जब अश्लीलता में परिवर्तित होने लग जाए तो समाज की नैतिक मर्यादाओं का खंडित होना स्वाभाविक है।...

असली नकली

लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज ये इतना गहरा, दिल की बात बता देता है असली नकली चेहरा। ‘असली नकली’ फिल्म का यह गाना...

विश्वास का सदन

संपादकीय ‘बिहार का गतिरोध’ (13 फरवरी) पढ़ कर एक ऐसे छात्र की कथा याद आ गई जो मैट्रिक की परीक्षा में गणित में बार-बार...