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चौपाल

जाति की जकड़

संपादकीय ‘दलित की बरात’ (14 मई) पढ़ा। दलित युवक की बरात में पत्थरबाजी या दूल्हे को घोड़ी पर न बैठने देने की ये फुटकर...

मोदी सरकार की उपलब्धि

मोदी सरकार का एक साल का कार्यकाल संतोषजनक कहा जा सकता है। अभी तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने न आना बड़ी उपलब्धि...

आलोचना से परहेज

हाल ही में आइआइटी मद्रास के प्रबंधन का छात्रों द्वारा चलाए जा रहे ‘आंबेडकर पेरियार स्टडी सर्किल’ पर लगाया गया प्रतिबंध विश्व के सबसे...

कथनी बनाम करनी

राजनीति में झूठ बोलने का चलन आम है। जो कहा जाता है उससे पलट जाना अथवा उसके अन्य बारीक अर्थ निकाल कर समझाना कि...

जाति, धर्म और आरक्षण

कुलदीप कुमार ने ‘फासिज्म की आहट’ (निनाद, 31 मई) टिप्पणी में आरएसएस और बाबा साहेब आंबेडकर के अंतर्विरोधों पर चिंता जाहिर की है। यह...

विकास के मायने

पिछले कुछ दिनों से मोदी सरकार सत्ता में अपना एक साल पूरे होने का जश्न मना रही है और स्वयं प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिगण...

चुनावी भाषण

जिस प्रकार नरेंद्र मोदी का देश में कहीं भी दिया गया भाषण चुनावी होता है उसी प्रकार केजरीवाल का भी। पिछले दिनों दिल्ली विधानसभा...

बहस की बिसात

एक अजीब-सी बहस देश में गोमांस खाने-न खाने को लेकर छिड़ी हुई है। हालांकि गोमांस को खाने-न खाने संबंधी सबके अपने-अपने तर्क हैं, मगर...

दिल्ली की रस्साकशी

सुशासन और भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार चलाने के दावे के साथ प्रचंड बहुमत से दिल्ली राज्य की सत्ता पर काबिज अरविंद केजरीवाल अक्सर विवादों में रहे...

साल और सवाल

बेशक नरेंद्र मोदी सरकार का एक साल अनेक उपलब्धियों से भरा हुआ है जिसकी प्रस्तुति और मार्केटिंग वे शानदार तरीके से कर भी रहे...

जनता मांगे जवाब

पंजाब सरकार ने गरीबी हटाने के लिए एक ‘टास्क फोर्स’ बना दी है। यह समझ नहीं आ रहा कि ‘फोर्स’ गरीबी को कैसे हटाएगी?...

मूकदर्शक मंडल

भाजपा की तीन धरोहर, अटल, आडवाणी, मुरली मनोहर! एक समय था जब यह नारा भाजपा के सशक्त और लोकप्रिय नेतृत्व की पहचान था। जनसंघ...

आखिर कब तक

हमारे राजनेता जब मंच से भाषण देते हैं या अपने दल का घोषणापत्र, विज्ञापन या कोई दस्तावेज जारी करते हैं तो आदर्श वाक्यों और...

इनके अच्छे दिन

इसमें कोई शक नहीं कि नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के तमाम नेताओं के बुरे दिन बीत गए! जिस तरह एक साल बीत गया उसी...

द्वेष का सामना

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मुसलमानों को मताधिकार से वंचित करने की असाधारण मांग करते हुए पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में...

दिनकर के बहाने

धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी यह बताने के लिए कि प्रख्यात साहित्यकार रामधारी सिंह दिनकर ‘भूमिहार’ थे। वरना मैं तो उन्हें एक बड़े कवि और...

सुधार की गुंजाइश

सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है। मुख्यमंत्री भी तो संवैधानिक पद है। उसकी अपनी गरिमा है और फिर वह तो जनता से चुन कर...

शोध में अवरोध

सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी ‘शोध का यथार्थ’ (दुनिया मेरे आगे, 22 मई) में मौजूदा अकादमिक हाल-स्थिति को लेकर चिंतित दिखाई देते हैं। वाजिब है, इस बारे...