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चौपाल

चीनी दांव

के. विक्रम राव का लेख ‘दीये और तूफान की लड़ाई’ (19 मई) पढ़ कर अच्छा लगा वरना डॉलर की भीनी खूशबू के सामने कौन...

दूर के ढोल

प्रवीण कुमार सिंह का लेख ‘हवा में विकास’ (दुनिया मेरे आगे, 16 मई) गुजरात के विकास के बारे में संक्षिप्त जानकारी भर है। यहां...

साल का हाल

एक साल के भीतर मोदी सरकार देश में कितने अच्छे दिन कहां-कहां ला पाई है शायद बताने की जरूरत नहीं। हालांकि एक साल में...

यात्रा का हासिल

जब भी प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर जाते हैं तो ऐसा प्रचारित होता है मानो जग जीत कर आए हों। अमेरिका यात्रा का रिकार्डतोड़ हो-हल्ला,...

सच से सामना

विदेश जाकर या विदेशियों को भारत बुला कर मोदी जो भी सौदे कर रहे हैं, उनसे हित किसके पूरे हो रहे हैं? यह दौड़-भाग...

चीन से चौकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत चीनी राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ कर किया तो इस पर ज्यादा गदगद होने की जरूरत नहीं है। यह गर्मजोशी...

मीडिया से खौफ

आम आदमी पार्टी के नेता इन दिनों मीडिया से बहुत खफा हैं। हकीकत यह है कि जिस जनादेश ने ‘आप’ को सत्ता के सिंहासन...

हिंदी में मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश में जहां-जहां भी गए और उन देशों में रह रहे भारतवासियों से जहां-जहां भी मुखातिब हुए, वहां उन्होंने हिंदी में...

सियासी मुद्राएं

‘राजनीति की राह’ (समांतर, 8 मई) शीर्षक से प्रकाशित ब्लॉग में अर्चना राजहंस मधुकर ने राहुल गांधी के व्यक्तित्व, व्यवहार और नेतृत्व की भीतरी...

परिधान का प्रश्न

देश के बुद्धिजीवी दो दिनों से आचार संहिता के एक द्वंद्व को सुलझाने में उलझे हुए हैं। वह द्वंद्व नीली कमीज, हरा चश्मा से...

न्याय का प्रश्न

एक भारतीय होने के नाते हमें अपने संविधान पर पूरा भरोसा है। यह भरोसा तब और बढ़ जाता है जब सलमान खान, संजय दत्त,...

क्रिकेट कूटनीति

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट कूटनीति फिर शुरू हो गई है। इस खेल में अकूत पैसा न होता तो भला दोनों देश आपसी दुश्मनी के...

चीन के इरादे

प्रधानमंत्री मोदी की बहुप्रतीक्षित चीन यात्रा शुरू हो गई है और इसके नतीजों को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है। ‘मेक इन इंडिया’ संबंधी...

अच्छे दिन किसके

भारत कृषि प्रधान देश है, भारत गांवों में बसता है, खेती का विकास देश का विकास है। गांव, खेती और किसान की महिमा दर्शाने...

नई जाति व्यवस्था

तरुण विजय ने ‘ऊंची जाति नीची जाति’ (दक्षिणावर्त, 10 मई) में जातिगत रूढ़ियों को उजागर करने का साहसिक कार्य किया। दुर्भाग्यवश ऊंची विकास दर...

राहत की सीमा

सीमाएं कभी नहीं उलझतीं, उलझते हैं तो सिर्फ राजनीति के पंडित। यदि हमारे हुक्मरान वोट बैंक की राजनीति के बिना समस्याओं को सुलझाने का...

छद्म राष्ट्रवाद

बांग्लादेश के साथ आवासीय भूभाग की अदला-बदली को सहमति देने वाले ‘भूमि सीमा अधिनियम’ के संसद में पारित होने के साथ ही ‘संघ’ के...

सत्ता का प्रसाद

सत्ता-परिवर्तन के तुरंत बाद सत्तारूढ़ पार्टी के साथ किसी भी तरह से जुड़े छोटे-बड़े नेता, कार्यकर्ता, हितैषी आदि का यह सोचना सहज-स्वाभाविक है कि...