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चौपाल

नई उम्मीद

डिजिटल इंडिया मिशन के तहत कंप्यूटर और इंटरनेट देश के कोने-कोने तक पहुंच जाएंगे जिससे गांवों में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। समाज के लोगों...

कलाम को सलाम

यकीन नहीं होता कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नहीं रहे। उनके निधन का समाचार सुनते ही देश स्तब्ध रह गया। विश्वास नहीं हुआ कि...

विरोध की राजनीति

संसद के मानसून सत्र में करीब तीस विधेयक पास होने हैं जिनमें वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, श्रम सुधार और भूमि अधिग्रहण सबसे ज्यादा...

नापाक इरादे

आजादी के बाद से अब तक हम पाकिस्तान के साथ ‘शांति बनाए रखने के लिए’ दोस्ती की दरख्वास्त करते आए हैं लेकिन नतीजे में...

आरोपों की भेंट

भारतीय लोकतंत्र में जनता की सबसे ऊंची प्रतिनिधि संस्था हमारी संसद है जहां देश की समस्याओं पर चर्चा होती है और जरूरतों के मुताबिक...

नीति और नीयत

हमारे नेता और पार्टियां बड़ी लंबी-चौड़ी अच्छी बातें तो जरूर करते हैं मगर दुर्भाग्य से धरातल पर कुछ नहीं होता है। तमाम समस्याओं, झगड़ों,...

बांग्लादेश के साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के अवसर पर दो बस सेवाएं शुरू हुर्इं। एक, अगरतला-ढाका-कोलकाता, और दूसरी, गुवाहाटी-शिलांग-ढाका। जुलाई 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री...

बिहार की बाजी

बिहार में राजद और जद (एकी) के गठजोड़ में कांग्रेस के भी सम्मिलित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्या पता...

लालच और लूट

दिल्ली के ओखला में लूट की वारदात के बाद लोगों ने लुटेरों का पीछा किया। इससे लगता है कि जनता ने दिल्ली के प्रथम...

अभद्र राजनीति

जातीय जनगणना के आंकड़े जारी करने के मुद्दे पर पटना की रैली में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालिया...

दुर्दशा की खेती

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट में माना गया है कि उर्वरकों- नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश का अनुपात, जो क्रमश: चार-दो-एक है वह एक आदर्श...

बे-सहारा बचपन

सोलहवीं लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रसिद्ध नारा था कि ‘मैं चाय वाला हूं।’ उन्होंने अपने बचपन में चाय बेची...

जांच की आंच

भाजपा को ऐसा क्या हुआ कि रोजाना नए-नए खुलासे होने लगे? जिस सरकार की वर्षगांठ इतनी धूमधाम से मनाई गई हो, उसे ऐसा क्या...

उद्धव उवाच

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि (राहुल गांधी की!) कांग्रेस ने पिछले दस सालों में कितने अरबों-खरबों रुपयों के घपले-घोटाले किए, वह...

लोहिया के बहाने

वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव का लेख ‘समाजवादी फिसलन और विचलन’ (22 जुलाई) पढ़ा। लोहियावादी पत्रकार के. विक्रम राव का दर्द इस लेख में...

नैतिकता का प्रश्न

अगर आपको पैसे जमा कराने के लिए बैंक जाना है और पचास हजार या उससे ज्यादा की रकम नकद में जमा करानी है तो...

व्यापमं का हश्र

जब तक परीक्षाओं पर परीक्षाएं होंगी व्यापमं जैसे घोटाले होते रहेंगे? बड़ा सवाल यह है कि स्कूल अध्यापक के लिए बार-बार छात्रों को परीक्षा...

आरोप-प्रत्यारोप का सत्र

मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी पार्टियों ने संसद में सरकार पर हमला बोलने के लिए अपनी रणनीति कुछ इस प्रकार बनाई, जिससे...