Opinon about India has become the sixth richest country in the world According to the report of New World Wealth - चौपाल- आधा सच - Jansatta
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ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार ही भारत की कुल संपदा में 58 प्रतिशत हिस्सा अरबपतियों का है। यानी शेष आबादी के पास कुल संपदा का सिर्फ बयालीस प्रतिशत हिस्सा है। इस आंकड़े के अनुसार देश की कुल 526 लाख करोड़ संपदा में से 303 लाख करोड़ अरबपतियों के पास है।

Author February 3, 2018 3:26 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

‘न्यू वर्ल्ड वेल्थ’ की रपट के मुताबिक आम लोगों की कुल संपदा के मामले में भारत दुनिया भर में छठा सबसे अमीर देश बन गया है। इसके अनुसार भारतवासियों की कुल संपदा 526 लाख करोड़ हो गई है (इसमें सार्वजनिक संपत्ति शामिल नहीं है) और 2017 में इसमें पच्चीस प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह एक अधूरा और काला सच है। अभी कुछ दिन पहले ही ऑक्सफैम की रिपोर्ट आई थी जिसमें बताया गया था कि 2017 में भारत में कुल सृजित संपत्ति का तिहत्तर प्रतिशत हिस्सा देश के एक प्रतिशत अरबपतियों के पास चला गया है और निन्यानबे प्रतिशत जनता के हिस्से में सिर्फ सत्ताईस प्रतिशत संपत्ति आई है।

ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार ही भारत की कुल संपदा में 58 प्रतिशत हिस्सा अरबपतियों का है। यानी शेष आबादी के पास कुल संपदा का सिर्फ बयालीस प्रतिशत हिस्सा है। इस आंकड़े के अनुसार देश की कुल 526 लाख करोड़ संपदा में से 303 लाख करोड़ अरबपतियों के पास है और शेष 99 प्रतिशत देशवासियों के पास सिर्फ 223 लाख करोड़ की संपत्ति है। न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में 64,584 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ अमेरिका विश्व का सबसे धनी देश है। पीटीआई के मुताबिक, अमेरिका के बाद 24,803 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ चीन दूसरे स्थान पर और जापान (19,522 अरब डॉलर) तीसरे स्थान पर है। इस सूची में चौथे स्थान पर ब्रिटेन (9,919 अरब डॉलर), जर्मनी 5वें (9,660 अरब डॉलर), फ्रांस 7वें (6,649 अरब डॉलर), कनाडा 8वें (6,393 अरब डॉलर), आस्ट्रेलिया 9वें (6,142 अरब डॉलर) और इटली 10वें (4,276 अरब डॉलर) स्थान पर हैं।

यदि आबादी के अनुपात में देखा जाए तो अमेरिका की बत्तीस करोड़ की आबादी के पास 64584 अरब डॉलर की संपत्ति है। चीन की 138 करोड़ की आबादी के पास 24803 अरब डॉलर की संपत्ति है। इनके मुकाबले में भारत की 132 करोड़ आबादी के पास सिर्फ 8230 अरब डॉलर की संपत्ति है। अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धा चीन के साथ है, जबकि चीन के लोगों की कुल संपत्ति भारत से तीन गुना अधिक है। जिस देश के आम नागरिकों की संपत्ति अधिक होगी उनकी क्रय क्षमता भी अधिक होगी।

इस रिपोर्ट में शामिल किए गए अन्य देशों ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इटली की जनसंख्या बहुत कम है। उसके अनुपात में वहां के लोगों के पास अत्यधिक संम्पत्ति है। ब्रिटेन और फ्रांस की आबादी सात-सात करोड़, जर्मनी की आबादी आठ करोड़, कनाडा, आस्ट्रेलिया, और इटली की आबादी क्रमश: मात्र 3.52 करोड़, 2.41 करोड़ तथा 3.50 करोड़ है। इसलिए आबादी के अनुपात में भी भारतवासियों की कुल संपत्ति इन विकसित राष्ट्रों के सामने कहीं नहीं ठहरती है। लिहाजा, न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट से खुश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि देश की कुल संपदा में जो वृद्धि हो रही है उसका लाभ सिर्फ एक प्रतिशत अरबपतियों को मिल रहा है।देश में असमानता में निरंतर वृद्धि हो रही है और अमीर तथा गरीब के बीच की खाई गहरी होती जा रही है।
’प्रवीण मल्होत्रा, इंदौर

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