ताज़ा खबर
 

चौपालः गांधी के साथ

पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर अपने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने का खेल तेजी से चल रहा है।
Author October 6, 2017 02:16 am
उन्होंने गांधी को तो मार दिया लेकिन उनकी विचारधारा को नहीं मार सके। ऐसे में गांधी के विरोधियों ने एक नई चाल चली और उनकेचरित्र हनन की कोशिश में लग गए।

पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर अपने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने का खेल तेजी से चल रहा है। अफसोसनाक यह है कि इसका शिकार होने वाले कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आज जीवित नहीं हैं। इन्हीं में एक महात्मा गांधी भी हैं। गांधी की सत्य और अहिंसा की विचारधारा का समर्थन न करने वालों ने 1948 में उनकी हत्या कर दी। उनके हत्यारे को मौजूदा केंद्र सरकार का कथित समर्थक एक तबका देशभक्त कहता फिरता है। बहरहाल, उन्होंने गांधी को तो मार दिया लेकिन उनकी विचारधारा को नहीं मार सके। ऐसे में गांधी के विरोधियों ने एक नई चाल चली और उनकेचरित्र हनन की कोशिश में लग गए। तर्क को आधार न बना कर उनका विरोध करने के लिए फोटोशॉप और झूठ की मदद ली। फर्जी तस्वीरों और मनगढ़ंत बातों के जरिए गांधी को मांस और सुरा-सुंदरियों का प्रेमी बताया गया।

फेसबुक और वाट्सएप पर आपने एक तस्वीर देखी होगी जिसमें गांधीजी को विदेशी महिला के साथ नृत्य करते हुए दिखाया गया है। कहा गया कि वे इस गोरी महिला के साथ रंगरलियां मना रहे हैं। कुछ भोले-भाले लोग उनके इस बहकावे में आ भी गए क्योंकि वे यह नहीं जान पाते कि फोटो में जो व्यक्ति है असल में वह एक अभिनेता है। गांधी विरोधियों ने चालाकी यह की थी कि सालों पहले आस्ट्रेलिया के एक अखबार में छपी इस फोटो के नीचे का कैप्शन हटा दिया था। तस्वीर देखने से इतना तो पता चल रहा है कि वह आस्ट्रेलिया के सिडनी से ली गई है जिसमें कोई व्यक्ति गांधी के वेश में गोरी महिला के साथ नृत्य कर रहा है।
एक और तस्वीर में एक युवती को गांधीजी के बिलकुल करीब दिखाया गया है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि गांधीजी की छवि बिगाड़ने की पुरजोर कोशिश की गई है। असल में वह तस्वीर गांधीजी और नेहरू की है जिसमें दोनों किसी बात को लेकर जोर से ठहाके लगा रहे हैं। एक कहावत है न कि चोर चोरी करने के बाद कोई न कोई सबूत छोड़ जाता है, उसी तरह इस तस्वीर से फोटोशाप के जरिए छेड़छाड़ करते समय नेहरू की सफेद कमीज का थोड़ा-सा भाग दिखाई दे रहा है।

गांधी हो या कोई और, किसी की भी विचारधारा से किसी का भी मतभेद हो सकता है। गांधीजी ने अपने जीवन में कई प्रयोग किए जो लोगों को बड़े अजीब लगते हैं। लेकिन गांधी की हिम्मत देखिये कि उन्होंने अपने प्रयोगों को किसी से छुपाया नहीं। उनके इसी खुलेपन का फायदा उठाकर गांधी विरोधी उन्हें चरित्र-हीन साबित करने में लगे रहते हैं।
मुकेश प्रजापति, मुंबइ

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.