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चौपाल: गरीब पर मार

एक तरफ तो सरकार प्रदूषण को समाप्त करने को प्रतिबद्ध दिखाई देती है, इसके लिए उज्जवला योजना के तहत करोड़ों सिलिंडर वितरित करती है, बीस साल से पुराने वाहनों को बंद करने पर विचार कर रही और ग्रीन टैक्स लगा कर प्रदूषण के खिलाफ जंग जीतने की तैयारी में है।

Author Updated: February 17, 2021 9:31 AM
cookingसांकेतिक फोटो।

वहीं दूसरी ओर रसोई गैस के लगातार दाम बढ़ा कर गरीब लोगों की पहुंच से स्वच्छ ईंधन को दूर करती नजर आ रही है। इससे तो लोगों को जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। गांव मे जीवाश्म ईंधन आसानी से उपलब्ध भी है और खुले आवास उसको प्रयोग करने के लिए अनुकूल परिस्थितयां भी प्रदान करते हैं।

तो क्या ऐसे में रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम ग्रामीण जनता को जीवाश्म ईंधन प्रयोग के लिए विवश नहीं करेंगे? आज भी भारत की लगभग उनहत्तर प्रतिशत जनसंख्या गांवों में ही बसती है। नीतियों में इस तरह के विरोधाभास से अच्छी नीतियों से भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते हैं और उनके क्रियान्वन में देश की पूंजी अलग व्यर्थ होती है।

दूरदर्शी और सुसंगत नीतियों से ही आम जनता का कल्याण संभव है। अगर देश की जनता का विकास होता है तो देश का भी विकास होता है, क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक है। इसलिए हाशिये पर पड़े वर्गों को संबल प्रदान करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
’सचिन पंवार, घाटेडा, सहारनपुर

छात्रों की परेशानी

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए अभ्युदय कोंचिंग की शुरूआत कर एक सराहनीय पहल की है। इससे आर्थिक रूप से पिछड़े एवं गरीब तबके के मेधावी प्रतियोगी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सुविधा होगी और उनको भी आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

अब तक इस योजना के तहत विभिन्न शैक्षिक क्षेत्रों से लगभग लाखों प्रतियोगी छात्रों ने पंजीकरण कराया है, परंतु इसी संदर्भ में छात्रों को प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित न हो पाने की दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। इसका प्रमुख कारण वेबसाइट पर पड़ रहे बोझ और पंजीकरण करने वाले छात्रों को समय पर स्पष्टीकरण संदेश प्राप्त न हो पाना है।

इसके चलते बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित न हो पाने की वजह से सरकार की इस पहल से वंचित हो रहे हैं। संबंधित अधिकारियों और अभियांत्रिकी विभाग को समय रहते छात्रों की इस तरह की समस्याओं को दूर करने के साथ-साथ योजना की सार्थकता हेतु अधिकतम प्रयास अनवरत रूप से जारी रखने चाहिए।
’शशिभूषण

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